March 10, 2026
Punjab

मुख्यमंत्री ने प्रवासी पंजाबी कानूनी भाईचारे से राज्य की पुरानी शान बहाल करने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की

The Chief Minister appealed to the Punjabi expatriate legal fraternity to play an active role in restoring the state’s former glory.

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज प्रवासी पंजाबी कानूनी भाईचारे से राज्य की पुरानी गौरवशाली पहचान को बहाल करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।

इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूट वीक के दौरान आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने दुनिया भर से पंजाब की पवित्र धरती पर पहुंचे प्रतिष्ठित अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस प्रतिनिधिमंडल में प्रसिद्ध कानूनी विद्वान, कानूनी संस्थाओं के प्रमुख, वकील और अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने विश्वभर के कानूनी विशेषज्ञों को एक मंच पर एकत्रित करने के लिए पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ को आयोजन स्थल चुनने पर आयोजकों का दिल से धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें यह जानकर खुशी हुई कि इस प्रतिनिधिमंडल में अमेरिका, यूके, कनाडा और सिंगापुर से आए सिख वकील, जज और अन्य प्रतिष्ठित सिख हस्तियां भी शामिल हैं, जो अपने पूर्वजों की पवित्र धरती पर लौटे हैं। उन्होंने कहा कि इनमें कई ऐसी हस्तियां भी हैं जिन्होंने अपनी प्रतिभा, लगन और कड़ी मेहनत के बल पर विदेशों में बड़ी सफलताएं हासिल की हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से उनकी उपलब्धियों पर गर्व है और यह पूरे पंजाबी समाज के लिए गर्व का क्षण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब महान गुरुओं, संतों, पीर-पैगंबरों और आध्यात्मिक नेताओं की पवित्र भूमि है और पंजाब सरकार इन सभी की मेजबानी करके स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब को बहादुर और मेहनती लोगों की धरती के रूप में जाना जाता है। जहां हमारे जवान देश की सीमाओं की रक्षा के लिए दिन-रात डटे रहते हैं, वहीं हमारे किसान देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। इसी कारण पंजाब को देश का अन्न भंडार और खड़गभुजा भी कहा जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब एक शांतिपूर्ण राज्य है, जहां सद्भाव, आपसी सम्मान और भाईचारा इतना मजबूत है कि नफरत के बीज यहां पनप ही नहीं सकते। उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने हमेशा दुनिया के सामने सांप्रदायिक सद्भाव की एक सुंदर मिसाल पेश की है। उन्होंने कहा कि पंजाब की पवित्र नगरी अमृतसर को वैश्विक भाईचारे के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, जहां Sri हरमन्दिर साहिब , दुर्गिअना टेम्पल , भगवान वाल्मीकि तीरथ स्थल जैसे पवित्र स्थल और जलियावाला बाग़ स्थित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल डिस्प्यूटस वीक एक ऐसा मंच है जो दुनिया भर के जजों, वरिष्ठ वकीलों, कानूनी फर्मों, युवा वकीलों, बुद्धिजीवियों और संस्थाओं को एक साथ लाता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पांच दिनों के दौरान घरेलू हिंसा, वित्तीय अपराध, जनहित याचिका, पर्यावरण कानून, मीडिया विनियमन, मध्यस्थता की रणनीति, सीमा-पार विवाद समाधान और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी विषयों पर व्यापक चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि यह पहल आम लोगों के लिए भी उपयोगी और सार्थक साबित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय प्रणाली को मजबूत करने और नागरिकों को समय पर न्याय दिलाने के लिए वर्ष 2022 से अब तक 159 कानूनी अधिकारियों की भर्ती की गई है। उन्होंने बताया कि सरकारी कानूनों और नियमों को आम लोगों के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों के 53 अधिनियमों का पंजाबी में अनुवाद कर उन्हें भारत सरकार के इंडियन कोड पोर्टल पर अपलोड किया गया है। इसके अलावा नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (एनआईए) अधिनियम के तहत मोहाली में एक विशेष अदालत स्थापित की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जालंधर , कपूरथला , होशियारपुर , लुधियाना, मोगा और शहीद भगत सिंह नगर जिलों में छह विशेष एनआरआई अदालतें स्थापित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा संगरूर और तरन तारन में फास्ट-ट्रैक विशेष अदालतें भी बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 से अब तक राज्य भर में अदालतों के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए 48.82 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक भी न्याय की पहुंच सुनिश्चित हो सके।

इस अवसर पर पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां , कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा , हरभजन सिंह ई.टी.ओ., डॉ . बलबीर सिंह , डॉ . रवजोत सिंह , गुरमीत सिंह खुडियां , बरिंदर गोयल , तथा पंजाब के मुख्य सचिव के . ए . पी. सिन्हा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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