28 मार्च । मुंबई के धारावी इलाके में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक व्यक्ति की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
उसका शव सायन-बांद्रा लिंक रोड के किनारे फुटपाथ पर पड़ा मिला। धारावी पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर इस मामले में जांच शुरू कर दी है।
शुरुआत में यह मामला आकस्मिक मृत्यु का लग रहा था, हालांकि बाद में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों ने इस बात की पुष्टि कर दी कि यह हत्या का मामला है। इस खुलासे के बाद जांच तेज हो गई है और पुलिस की टीमें पीड़ित और हत्यारों, दोनों की पहचान करने में जुटी हुई हैं।
धारावी पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र 50 से 55 वर्ष के बीच मानी जा रही है। वह सायन-बांद्रा लिंक रोड पर कलीनगर जंक्शन से धारावी टी-जंक्शन की ओर जाने वाले रास्ते पर फुटपाथ पर गंभीर रूप से घायल और बेहोशी की हालत में मिला था।
सूचना मिलते ही पुलिस की एक गश्ती टीम तुरंत मौके पर पहुंची और ‘108’ एम्बुलेंस की मदद से पीड़ित को सायन अस्पताल पहुंचाया। इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, जिससे जांच और भी जटिल हो गई है।
शुरुआत में, एक आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट (एडीआर) दर्ज की गई थी, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने जांच की दिशा ही बदल दी।
डॉक्टरों ने पुष्टि की कि पीड़ित की मौत सिर पर किसी भारी वस्तु से जोरदार चोट लगने के कारण हुई थी, जिससे दुर्घटना की संभावना पूरी तरह से खारिज हो गई। चोटें मुख्य रूप से सिर, माथे और कानों के पास के हिस्सों पर थीं। यह एक जानबूझकर और हिंसक हमले की ओर इशारा कर रही थीं।
पंचनामा के दौरान, पुलिस को खून से सना हुआ एक पत्थर या कंक्रीट का टुकड़ा मिला, जिसके बारे में संदेह है कि इसी का इस्तेमाल हत्या के लिए हुआ था।
जांचकर्ताओं का मानना है कि हमलावर ने इसी वस्तु से पीड़ित के सिर पर बार-बार वार किया, जिससे उसे जानलेवा चोटें आईं। बरामद सबूतों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित के सिर, माथे और दाहिने कान पर गहरे घाव थे, जबकि दोनों आंखें सूजी हुई और चोटिल थीं, जो स्पष्ट रूप से एक क्रूर हमले का संकेत देती हैं। पहचान पत्र न मिलने के कारण अधिकारियों के लिए शव की शिनाख्त करना मुश्किल हो गया है।
जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस आसपास के पुलिस स्टेशनों से समन्वय कर रही है और लापता व्यक्तियों के रिकॉर्ड की जांच कर रही है। व्यक्तिगत दुश्मनी, लूटपाट या विवाद जैसे कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
अब तक कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने नहीं आया है, इसलिए जांचकर्ता सुराग जुटाने और घटनाक्रम को फिर से समझने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज पर काफी हद तक निर्भर हैं।


Leave feedback about this