April 13, 2026
Entertainment

महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण ऐतिहासिक कदम… रुपाली गांगुली ने जताई खुशी

33 percent reservation for women is a historic step… Rupali Ganguly expressed happiness

12 अप्रैल । अभिनेत्री रुपाली गांगुली ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण वाले बिल को ऐतिहासिक बताते हुए खुशी जताई है। रुपाली ने कहा कि यह बिल साल 2023 में पास होने के बाद अब लागू होने जा रहा है, जिससे अगले चुनाव से संसद और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत महिलाएं होंगी।

आईएएनएस से विशेष बातचीत में रुपाली गांगुली ने कहा, “सालों लगे, लगभग 27-28 साल लग गए। 2023 में बिल पास हुआ और अब जाकर यह लागू होने वाला है। यह हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। पहले लगता था कि कोई पीछे से आ तो नहीं रहा, अब यह है कि मेरे पीछे मेरी सरकार है।”

अभिनेत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं के लिए इतने बड़े सुधार मोदी जी के आने के बाद ही संभव हो पाए। उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले के समय में बच्चियों को जन्म के समय ही मार दिया जाता था या दूध में डुबो दिया जाता था, लेकिन अब ऐसी खबरें सुनाई नहीं देतीं।

रुपाली ने कहा, “मोदी जी हर महिला को अपनी मां, बहन और बेटी के रूप में देखते हैं। उन्होंने महिलाओं को बहुत सम्मान दिया है। मैं बहुत गर्व महसूस कर रही हूं कि मेरे देश में अब संसद में 33 प्रतिशत महिलाएं होंगी। उन्होंने सावित्रीबाई फुले के प्रसिद्ध वाक्य “एक बाई शिकली तर पूर्णा परिवार शिकतो” का हवाला देते हुए कहा कि एक महिला पढ़ जाती है तो पूरा परिवार पढ़ जाता है। हम बहुत लंबा सफर तय कर चुके हैं, लेकिन अभी भी बहुत काम बाकी है।

रुपाली गांगुली ने कहा कि समाज में अभी भी कई घरों में लड़कियों के साथ भेदभाव होता है, लेकिन अब धीरे-धीरे माइंडसेट बदल रहा है। उन्होंने अपनी पसंदीदा फिल्म ‘धुरंधर’ और टीवी शो ‘अनुपमा’ का उदाहरण देते हुए कहा कि ये कहानियां समाज में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। ‘अनुपमा’ में पहली बार टीवी पर ‘जय श्री राम’ का नारा लगाया गया और रामनवमी दिखाई गई, जो पहले नहीं होता था।

महिलाओं के आरक्षण का पॉलिसी पर क्या असर पड़ेगा? इस सवाल पर रुपाली गांगुली ने कहा कि जब महिलाएं संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ आएंगी तो नीति-निर्माण में बड़ा बदलाव आएगा। महिलाएं एक मां, बेटी और बहन के नजरिए से सोचती हैं। उनकी सोच में भावनात्मक दृष्टिकोण ज्यादा होता है, जो शिक्षा, महिला सुरक्षा और परिवार से जुड़े मुद्दों पर बेहतर नीतियां बनाने में मदद करेगा। हां लेकिन मेरा ये कतई कहना नहीं है कि पुरुषों में भावनाएं नहीं हैं। उनमें भी होती है।

उन्होंने कहा, “हम सशक्तिकरण की बात करते रहते हैं, लेकिन अब महिलाओं को असली शक्ति मिल गई है। जब महिलाएं खुद नीतियां बनाएंगी तो शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव आएगा।”

पीएम मोदी के साथ ही रुपाली ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भी तारीफ की और कहा कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और रात में बाहर निकलने की स्थिति को बेहतर बनाया है। अंत में रुपाली गांगुली ने कहा, “मेरे सेट पर हेयरड्रेसर से लेकर सभी महिलाएं इस खबर से बहुत उत्साहित हैं। यह बदलाव ग्रासरूट स्तर तक पहुंच गया है। मैं मोदी जी को धन्यवाद देती हूं। उन्होंने वो कर दिखाया जो कोई और नहीं कर सकता था।”

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