शनिवार तड़के बत्ती की हट्टी के पास हुए भीषण भूस्खलन के कारण चंबा-भरमौर राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर सैकड़ों यात्री फंस गए। आधी रात के बाद हुए इस भूस्खलन से चट्टानें राजमार्ग पर गिर पड़ीं, जिससे न केवल यातायात बल्कि पैदल यात्रियों की आवाजाही भी ठप हो गई।
कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध न होने के कारण, फंसे हुए कई लोगों को प्रभावित क्षेत्र को पार करने के लिए अत्यधिक जोखिम उठाना पड़ा। कई लोगों ने बर्फीले पानी से होते हुए रावी नदी पार की, जबकि अन्य ने खतरनाक पहाड़ी रास्तों से होते हुए दूसरी ओर पहुंचने का प्रयास किया। मरीजों, महिलाओं और बच्चों को खतरनाक परिस्थितियों में कंधों और पीठ पर उठाकर ले जाया गया।
राजमार्ग के दोनों ओर बसों, निजी कारों और आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रकों सहित वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। भरमौर, होली और आसपास के इलाकों से चंबा की ओर जाने वाले यात्री घंटों तक फंसे रहे। इस व्यवधान से भरमौर और होली क्षेत्रों में दूध, रोटी, सब्जियां और अंडे जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हुई।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने सड़क की मरम्मत के लिए कर्मचारियों और मशीनों को काम पर लगा दिया है। हालांकि, एक मशीन में खराबी आने के कारण मरम्मत कार्य में देरी हुई है।
भरमौर के विधायक डॉ. जनक राज ने दोपहर में घटनास्थल का दौरा किया और राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों से बहाली कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने राजमार्ग पर संवेदनशील बिंदुओं पर चौबीसों घंटे मशीनरी तैनात करने की भी मांग की ताकि इस तरह के लंबे व्यवधानों को रोका जा सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के कार्यकारी अभियंता जोगिंदर शर्मा ने बताया कि दोनों ओर से मशीनरी तैनात कर दी गई है और नए भूस्खलन और चट्टान गिरने के खतरे के बावजूद मरम्मत कार्य जारी है। इस रिपोर्ट के लिखे जाने तक सड़क यातायात के लिए नहीं खोली गई थी।


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