डिजिटल प्रौद्योगिकी एवं शासन विभाग, विद्यालय शिक्षा विभाग एवं समग्र शिक्षा विभाग के समन्वय से हिमाचल प्रदेश के सरकारी और निजी विद्यालयों में 20 अप्रैल से अनिवार्य बायोमेट्रिक अद्यतन शिविरों का आयोजन करेगा।
विभाग के एक प्रवक्ता ने शुक्रवार को यहां बताया कि इन शिविरों का उद्देश्य पांच या पंद्रह वर्ष की आयु प्राप्त कर चुके बच्चों के आधार नंबरों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट को सुविधाजनक बनाना था। यूआईडीएआई के दिशानिर्देशों के अनुसार, बच्चों को इन आयु तक पहुंचने पर अपने बायोमेट्रिक विवरण – उंगलियों के निशान, आइरिस स्कैन और फोटो – को अपडेट करना आवश्यक है ताकि उनके आधार नंबरों की वैधता और सटीकता बनी रहे।
उन्होंने कहा कि शिविरों का आयोजन जिलावार स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “छात्रों और अभिभावकों से अनुरोध है कि वे अपडेट प्रक्रिया को समय पर पूरा करने के लिए स्कूल अधिकारियों और शिविर टीमों के साथ सहयोग करें। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके बच्चे अपने आधार कार्ड की प्रतियां, आधार से जुड़े मोबाइल नंबर (अधिमानतः) साथ लाएं और आवश्यकता पड़ने पर अपनी उपस्थिति भी सुनिश्चित करें।”
प्रवक्ता ने कहा कि सभी अभिभावकों को इस सुविधा का लाभ उठाना चाहिए और भविष्य में आधार-आधारित सेवाओं का लाभ उठाने में होने वाली असुविधा से बचने के लिए पात्र बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट को निर्धारित समय के भीतर पूरा करना चाहिए।


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