May 22, 2026
Haryana

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाला: सीबीआई ने हरियाणा में 504 करोड़ रुपये के फंड की हेराफेरी मामले में आरोप पत्र दाखिल किया

IDFC First Bank and AU Small Finance Bank scam: CBI files chargesheet in Rs 504 crore fund siphoning case in Haryana

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को पंचकुला की एक विशेष अदालत में हरियाणा सरकार के धन के दुरुपयोग के मामले में दो निजी क्षेत्र के बैंकों – आईडीएफसी फर्स्ट और एयू स्मॉल फाइनेंस – राज्य सरकार के अधिकारियों और निजी व्यक्तियों के खिलाफ अपनी पहली चार्जशीट दायर की।

कुल 15 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए गए हैं, जिनमें छह बैंक अधिकारी, हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड, विकास और पंचायत विभाग और हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद से संबंधित हरियाणा सरकार के तीन लोक सेवक, दो फर्जी संस्थाएं और उनके तीन साझेदार/निदेशक तथा एक निजी व्यक्ति शामिल हैं।

सभी आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। उन पर आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, जालसाजी, साक्ष्य नष्ट करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत अपराधों सहित विभिन्न अपराधों के लिए आरोपपत्र दायर किए गए हैं।

जिन 15 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किए गए हैं, उन सभी के संबंध में जांच पूरी हो चुकी है।

सीबीआई सूत्रों के अनुसार, अन्य आरोपियों के खिलाफ और अन्य विभागों में हुए गबन के संबंध में जांच जारी है और जल्द ही अतिरिक्त आरोपपत्र दाखिल किए जाएंगे।

यह मामला सरकारी धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित है, जिसमें हरियाणा के विभिन्न सरकारी विभागों के बैंक खातों से बैंक अधिकारियों द्वारा संबंधित विभागों में तैनात लोक सेवकों के साथ आपराधिक मिलीभगत से कथित तौर पर 504 करोड़ रुपये की राशि का गबन किया गया था।

यह मामला मूल रूप से हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो द्वारा दर्ज किया गया था और बाद में जांच के लिए सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया था।

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