May 22, 2026
National

लखनऊ: वित्त मंत्री सुरेश खन्ना पैदल चलकर पहुंचे अपने आवास, बोले- ईंधन बचाना हमारा दायित्व

Lucknow: Finance Minister Suresh Khanna reached his residence on foot, said- saving fuel is our responsibility

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ के ईंधन बचाने की अपील पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना गुरुवार को अपने कार्यालय से पैदल चलकर अपने आवास तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह कदम सिर्फ व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि एक बड़े संदेश से जुड़ा हुआ है, जिसमें देश की ऊर्जा बचत और ईंधन के सही उपयोग की बात शामिल है।

सुरेश खन्ना ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से लगातार यह अपील की जा रही है कि देश में पेट्रोल और डीजल जैसे ईंधनों पर निर्भरता को कम किया जाए। इसका सीधा फायदा यह होगा कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार बचेगा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो हालात बने हुए हैं, उनके बीच भारत पर आर्थिक दबाव भी कम होगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में ऊर्जा संसाधनों का समझदारी से उपयोग करना बेहद जरूरी हो गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री की ओर से लगातार कोशिश रही है कि अंतरराष्ट्रीय समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकले, लेकिन कई बार स्थितियां ऐसी बनती हैं कि समाधान तुरंत नहीं निकल पाता। ऐसे में देश के भीतर सभी नागरिकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वे सरकार की नीतियों का समर्थन करें और ईंधन बचत जैसे अभियानों में भाग लें।

सुरेश खन्ना ने अपने व्यक्तिगत प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले हफ्ते वे साइकिल से विधानसभा गए थे और साइकिल से ही लौटे थे। इस बार वे मोटरसाइकिल से विधानसभा गए, लेकिन वापस पैदल आए। उनका कहना है कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव की ओर इशारा करते हैं। अगर हर नागरिक इसी तरह ईंधन बचाने की कोशिश करे तो देश में बड़े स्तर पर तेल की खपत कम की जा सकती है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे भी इस तरह की आदतों को अपनाएं, जैसे छोटी दूरी पर पैदल चलना, साइकिल का उपयोग करना या अनावश्यक वाहन इस्तेमाल से बचना। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में जब पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं तो यह सिर्फ आर्थिक बोझ नहीं है बल्कि एक राष्ट्रीय चुनौती भी है। ऐसे में हर नागरिक का यह कर्तव्य बनता है कि वह देश की जरूरतों को समझे और उसमें सहयोग करे।

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