उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी बयान सामने आया है। सीएम धामी के बयान पर लोगों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर गर्भ गिरी महाराज ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि यह सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार का सनातन के लिए एक नया फैसला है। यह कदम बहुत पहले उठा लेना चाहिए था। हम सीएम पुष्कर सिंह धामी के इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह एक तीर्थस्थल है और गर्मियों की छुट्टियों में यहां पर्यटन बढ़ जाता है। सड़कों पर नमाज पढ़ना सही नहीं है। इस पर पूरे देश में बैन लगना चाहिए।
महामंडलेश्वर गर्भ गिरी महाराज ने आगे कहा कि हमारी मांग थी कि अगर नमाज पढ़नी है तो घरों और मस्जिदों में पढ़ें। जो सड़क पर नमाज पढ़ेगा वो दंड का भागी बनेगा। सभी को यातायात के नियमों का पालन करना चाहिए। कानून से बड़ा कोई नहीं हो सकता। कानून के साथ चलने और सहयोग करने से ही देश सुचारू रूप से चल पाएगा।
उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के चेयरमैन शादाब शम्स ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान का स्वागत करते हैं। सीएम का कहना है कि सही को छेड़ना नहीं और गलत को छोड़ना नहीं है। उन्होंने कहा कि कोई भी सभ्य समाज का व्यक्ति सड़क को जाम करने की अनुमति नहीं देगा। हमारा कहना है कि इस्लाम में नमाज के भी कुछ अधिकार और हक हैं।
शादाब शम्स ने आगे कहा कि इबादत का पहला हक यही है कि जगह का पाक होना जरूरी है। जब ऐसी जगहों पर नमाज पढ़ी जाती है, तो वो नमाज नहीं होती। सीएम के बयान के बाद वक्फ बोर्ड ने एडवाइजरी जारी कर दी है कि कहीं भी सड़क पर नमाज नहीं होगी। पुलिस और प्रशासन का सहयोग करना है। उलेमाओं की ओर से भी इसको लेकर राय सामने आई है कि एक बार की जगह, दो बार में भी नमाज अदा की जा सकती है।
शादाब शम्स ने कहा कि सब कायदे में रहेंगे तो सब फायदें में रहेंगे। लोगों की मेरी अपील है कि सादगी के साथ ईद मनाएं और कहीं भी किसी ऐसे जानवर की कुर्बानी न की जाए, जिसकी अनुमति सरकार की ओर से न दी गई हो। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी। माहौल खराब करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
वहीं, सीएम धामी के बयान पर पीडीपी नेता फिरदौस टाक ने कहा कि पूरे देश में भाजपा की ओर से माहौल बनाया जा रहा है। जगह-जगह मुसलमानों को बदनाम और टारगेट किया जा रहा है। सड़क पर नमाज पढ़ना इस्लाम के खिलाफ है। मस्जिदों में कम जगह होने से सड़कों पर नमाज पढ़ी जाती है। हर धर्म के त्योहार पर लोगों की ओर से सड़कों का इस्तेमाल किया जाता है।


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