4 जून । दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े अंतरराज्यीय अपराधी को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया है। आरोपी धर्मपाल उर्फ धर्मपाल बावरिया उर्फ धर्म सिंह उर्फ पेटू बावरिया पिछले 21 वर्षों से फरार चल रहा था। हरियाणा और उत्तर प्रदेश पुलिस ने इसके सिर पर 30,000 रुपए का इनाम घोषित किया हुआ था।
आरोपी कुख्यात ‘हवा सिंह बावरिया’ गिरोह का प्रमुख सदस्य था। उसे हरियाणा के भिवानी जिले के बहल लुहारू क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। क्राइम ब्रांच की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि वह ‘धर्म चंद’ नाम से छिपकर रह रहा था। डीसीपी हर्ष इंदौरा के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने जाल बिछाकर आरोपी को पकड़ा।
धर्मपाल पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में डकैती, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के 11 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। वह 2005 में हरियाणा की एक अदालत में पेशी के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत से फरार हो गया था। फरार होने के बाद उसने अपनी पहचान, नाम और ठिकाना बार-बार बदल लिया। उसने हर्ष विहार (गाजियाबाद), कनीना (महेंद्रगढ़), डाबरी (दिल्ली) और बहल (हरियाणा) जैसे कई स्थानों पर रहकर पुलिस की नजर बचाई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 1990 के दशक के अंत से हवा सिंह बावरिया गिरोह से जुड़ा हुआ था। यह गिरोह मुख्य रूप से उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में गोदामों, ट्रकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर डकैतियां करता था। गैंग के सदस्य रेकी करते थे, सुरक्षा गार्डों को बंधक बनाते थे और सामान लूटकर दूसरे राज्यों में भेज देते थे।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी लंबे समय से फरार अंतर-राज्यीय अपराधियों को पकड़ने की दिशा में एक बड़ी सफलता है। आरोपी से पूछताछ जारी है और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। धर्मपाल की उम्र करीब 60 वर्ष बताई जा रही है। वह मूल रूप से पंजाब के पटियाला जिले का रहने वाला है। खराब आर्थिक स्थिति के कारण वह पढ़ नहीं पाया और बाद में अपराध की दुनिया में चला गया।
क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने कहा कि संगठित अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। इस गिरफ्तारी से कई पुराने अनसुलझे मामलों को सुलझाने में मदद मिलने की उम्मीद है।


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