29 जून । कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने राम मंदिर दान घोटाला विवाद, इंद्रेश कुमार के बयान, यूसीसी बिल, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पोस्टर लगाए जाने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी के गायब होने पर अमित शाह से इस्तीफा देने की मांग की।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से कांग्रेस परिवार को घोटालों का परिवार कहे जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र गुप्ता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “राम मंदिर के चंदा चोरों के मुंह से ऐसी बातें शोभा नहीं देती हैं। निर्मोही अखाड़े ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर निर्माण के समय विश्व हिंदू परिषद ने 1500 करोड़ का चंदा लूट लिया। अब चढ़ावे के 3 हजार करोड़ रुपये को लूट लिया गया। इस मुद्दे से जनता का ध्यान भटकाने के लिए गांधी परिवार पर आरोप लगा रहे हैं।”
इंद्रेश कुमार ने हाल ही में कहा है कि बापू झुकते नहीं तो देश का विभाजन नहीं होता। इस बयान पर कांग्रेस नेता ने कहा, “इंद्रेश कुमार को कुछ पता नहीं है। जिस शख्स ने एक धोती और एक लाठी के जरिए देश को आजाद कराया हो, उसके बारे में गलत बयानबाजी करना आरएसएस का एजेंडा हो सकता है। बापू का झुकना और उठना, वो लोग नहीं समझ सकते, जो अंग्रेजों के सामने नतमस्तक हो गए थे।”
पश्चिम बंगाल में यूसीसी बिल पेश किए जाने पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी यूसीसी के नाम पर नौटंकी कर रही है। यह मामला केंद्र सरकार का है। जिस राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, वहां हिंदू-मुसलमान कराने के लिए यूसीसी बिल लाती है। पश्चिम बंगाल में भी हिंदू-मुसलमानों के बीच दरार डालने के लिए यूसीसी बिल ला रही है। उत्तराखंड सहित भाजपा शासित राज्यों में यूसीसी लागू हो गया है, लेकिन कुछ बदलाव नजर नहीं आ रहा है।”
पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई को शहीद दिवस को लेकर तृणमूल कांग्रेस में दो गुटों में विवाद बढ़ने पर सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “ममता बनर्जी का विरोध करने वाले गद्दार हैं। गद्दारों का कोई धर्म और पार्टी नहीं होती। इनकी गद्दारी ही धर्म और पार्टी होती है। भाजपा के कहने से ये गद्दार ममता बनर्जी का विरोध कर रह हैं, जिससे सरकार की मनमानी उजागर न हो।”
दिल्ली में राहुल गांधी के गुमशुदा पोस्टर लगाने पर कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, “अब अमित शाह को इस्तीफा दे देना चाहिए, क्योंकि भाजपा के कार्यकर्ता पोस्टर लगा रहे हैं। अगर देश का नेता प्रतिपक्ष गायब हैं, तो इसकी जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की है और गृहमंत्री तुरंत इस्तीफा दें।”


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