June 29, 2026
National

गुजरात ने नई औद्योगिक नीति के तहत पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ के नए निवेश का लक्ष्य रखा

Gujarat has set a target of attracting ₹10 lakh crore in new investments over five years under its new industrial policy.

29 जून । गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने सोमवार को कहा कि राज्य ने अपनी नई ‘विकसित गुजरात औद्योगिक नीति-2026’ के तहत अगले पांच वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश लक्ष्य के तौर पर रखा है।

वडोदरा में ‘वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संघवी ने कहा कि सरकार सिर्फ रेगुलेटर के तौर पर नहीं बल्कि इंडस्ट्री के पार्टनर के तौर पर काम करेगी। साथ ही, उन्होंने पॉलिसी में स्थिरता और तेजी से काम पूरा करने के लिए राज्य की प्रतिबद्धता को दोहराया।

उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य बिल्कुल साफ है। अगले पांच सालों में हम 10 लाख करोड़ रुपए का नया निवेश करेंगे। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में हम गुजरात के अलग-अलग इलाकों में ये निवेश लाने में सफल होंगे।”

हर्ष संघवी ने कहा कि नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी सिर्फ फाइनेंशियल इंसेंटिव (वित्तीय प्रोत्साहन) से कहीं आगे की चीज है, यह एंटरप्रेन्योरशिप और समावेशी विकास पर बहुत जोर देती है।

उन्होंने कहा, “इस पॉलिसी की सबसे अच्छी बात सिर्फ इंसेंटिव नहीं है। इंसेंटिव तो इंडस्ट्री को सपोर्ट करने के लिए हैं। हमारी पॉलिसी की सबसे अच्छी बात महिलाओं का सशक्तिकरण है।”

संघवी ने कहा कि नई पॉलिसी फाइनेंशियल इंसेंटिव से आगे बढ़कर एंटरप्रेन्योरशिप और समावेशी विकास, खासकर महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर देती है।

उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों को मौजूदा प्रावधानों के अलावा एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिलेगा। पॉलिसी में पांच साल तक योग्य लागत का 75 प्रतिशत तक किराया सहायता और काम पर लौटने वाली महिलाओं के लिए स्किल रिफ्रेशर प्रोग्राम भी शामिल हैं।

डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने कहा कि 10,000 करोड़ रुपए या उससे ज्यादा के निवेश और लगभग 3,000 अच्छी सैलरी वाली नौकरियां पैदा करने वाले मेगा और अल्ट्रा-मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए एक अलग सपोर्ट सिस्टम बनाया गया है। ये प्रोजेक्ट्स बेहतर इंसेंटिव के लिए योग्य होंगे, जिसमें फिक्स्ड कैपिटल इन्वेस्टमेंट से जुड़ा सपोर्ट भी शामिल है।

उन्होंने दिव्यांग लोगों को रोजगार देने के लिए प्रोत्साहित करने के उपायों के बारे में भी बताया, जिसमें कंपनियों को पांच से दस साल की अवधि के लिए रीइंबर्समेंट सपोर्ट (खर्च की भरपाई) शामिल है।

संघवी ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार पर जोर देते हुए कहा कि गुजरात ने निवेशकों के लिए प्रक्रियात्मक बाधाओं को कम किया है।

उन्होंने कहा, “बिजनेस में समय ही पैसा है। गुजरात मॉडल ‘जीरो रेड टेप’ और तेजी से मंजूरी मिलने पर ध्यान केंद्रित करता है।”

उनके अनुसार, पिछले दो सालों में इंसेंटिव का वितरण 55 प्रतिशत बढ़कर 7,888 करोड़ रुपए हो गया है। इसी दौरान, जरूरी डॉक्युमेंट्स की संख्या में 41 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि पेंडिंग फाइलों की संख्या में 95 प्रतिशत की गिरावट आई है।

उन्होंने कहा कि सरकार अभी रोजाना लगभग 392 इंडस्ट्री इंसेंटिव फाइलों को मंजूरी देती है और आने वाले महीनों में इस संख्या को 500 तक ले जाने का लक्ष्य है ताकि फायदों को तेजी से पहुंचाया जा सके।

निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए सांघवी ने कहा कि गुजरात में पॉलिसी को लेकर निश्चितता, पारदर्शिता और समय पर काम पूरा करने की व्यवस्था है और राज्य ने अपने वादों को पूरा करने का रिकॉर्ड बनाया है।

उन्होंने कहा कि ‘वाइब्रेंट गुजरात’ प्लेटफॉर्म अब सिर्फ एक इन्वेस्टमेंट समिट से कहीं आगे बढ़ चुका है और अब यह निवेशकों, स्टार्टअप्स और इंडस्ट्री लीडर्स को राज्य में मौजूद मौकों से जोड़ने का जरिया बन गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘2047 तक विकसित भारत’ के विजन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गुजरात इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाना चाहता है।

सांघवी ने फिर कहा कि राज्य सरकार खुद को रेगुलेटर के बजाय एक पार्टनर के तौर पर देखती है और पॉलिसी में लगातार सुधार के लिए इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के सुझावों का स्वागत करती है।

सांघवी ने कहा कि गुजरात इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाना चाहता है।

उन्होंने कहा, “विकसित गुजरात का इंजन पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। आइए, हम सब मिलकर एक नया भारत, एक नया गुजरात और एक नया सेंट्रल गुजरात बनाएं।”

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