July 6, 2026
National

विहिप ने जताया भरोसा, राम मंदिर प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर रही है एसआईटी

VHP expresses confidence; SIT is conducting an impartial probe into the Ram Mandir matter.

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने अयोध्या राम मंदिर प्रकरण मामले और ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से चल रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

अयोध्या में चल रही विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच पर सुरेंद्र जैन ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “पूरे देश की नजर इस मामले पर है और जांच एजेंसियां निष्पक्ष ढंग से अपना काम कर रही हैं। हम चल रही जांच प्रक्रिया से पूरी तरह संतुष्ट हैं। अपराधियों की गिरफ्तारी हो रही है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।”

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “कुछ राजनीतिक दल बिना तथ्यों के आरोप लगा रहे हैं। जिन नेताओं का अतीत भ्रष्टाचार के आरोपों और भगवान राम के विरोध से जुड़ा रहा है, वे इस मामले को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रहे हैं।”

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफों पर विचार किए जाने के सवाल पर सुरेंद्र जैन ने कहा, “ट्रस्ट की बैठक इसी उद्देश्य से बुलाई गई है। बैठक में मौजूदा परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा होगी और जो भी निर्णय ट्रस्ट को उचित लगेगा, वही लिया जाएगा।”

उन्होंने कहा, “ट्रस्ट में देश के सम्मानित संत शामिल हैं, जिनकी ईमानदारी, त्याग और समर्पण पर पूरे समाज को विश्वास है। अंतिम निर्णय ट्रस्ट ही करेगा और वही इस बारे में अधिकृत रूप से जानकारी देगा।”

एसआईटी जांच के दायरे को लेकर उन्होंने कहा, “यदि किसी भी स्तर पर संदेह की गुंजाइश है तो जांच का विस्तार किया जाना चाहिए। जहां भी शक हो, वहां गहन जांच होनी चाहिए ताकि वास्तविक दोषियों की पहचान हो सके। हमारी भी यही अपेक्षा है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़े और किसी भी दोषी को बख्शा न जाए।”

भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 मैच के दौरान प्रसारित एडल्ट विज्ञापन पर तृणमूल कांग्रेस सांसद और पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद द्वारा जताई गई आपत्ति का समर्थन करते हुए सुरेंद्र जैन ने कहा कि ऐसे विज्ञापनों से बचना चाहिए।

उन्होंने कहा, “क्रिकेट ऐसा खेल है जिसे पूरा परिवार एक साथ बैठकर देखता है। इसमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी शामिल होते हैं। ऐसे समय में इस प्रकार के विज्ञापन प्रसारित करना उचित नहीं है। समाज भी इसका विरोध कर रहा है, क्योंकि इससे अच्छा संदेश नहीं जाता। बेहतर होगा कि ऐसे कंटेंट से दूर रहा जाए।”

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