July 6, 2026
National

मेकेदातु परियोजना पर सर्वदलीय बैठक बुलाए तमिलनाडु सरकार, नया ट्रिब्यूनल किसानों को मंजूर नहीं: अंबुमणि रामदास

Tamil Nadu government should convene an all-party meeting on the Mekedatu project; farmers do not accept the new tribunal: Anbumani Ramadoss.

पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) के अध्यक्ष अंबुमणि रामदास ने रविवार को तमिलनाडु सरकार से कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना के खिलाफ साझा रणनीति बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि कावेरी बेसिन के किसान इस विवाद के समाधान के लिए नए ट्रिब्यूनल के गठन के प्रस्ताव को पूरी तरह खारिज कर चुके हैं।

अंबुमणि रामदास ने आरोप लगाया कि कर्नाटक मेकेदातु परियोजना को लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है, जबकि तमिलनाडु सरकार उतनी मजबूती से इसका विरोध नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे खासकर कावेरी डेल्टा के किसानों में गहरी चिंता है और उन्हें आशंका है कि यदि तत्काल प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो राज्य अपने जल अधिकारों को खो सकता है।

पीएमके प्रमुख ने बताया कि उन्होंने 1 से 4 जुलाई के बीच बिलिगुंडलु से पूम्पुहार तक चार दिवसीय जनजागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान उन्होंने कावेरी बेसिन के विभिन्न इलाकों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की और प्रस्तावित मेकेदातु बांध के संभावित प्रभावों पर चर्चा की।

उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान किसानों ने स्पष्ट रूप से बताया कि उन्हें कर्नाटक के इस आश्वासन पर भरोसा नहीं है कि बांध बनने के बाद भी तमिलनाडु के हिस्से के कावेरी जल पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनका कहना था कि कर्नाटक पहले भी जल बंटवारे से जुड़े अपने दायित्वों का पालन नहीं करता रहा है, इसलिए किसान उसकी नई गारंटी पर विश्वास नहीं कर रहे हैं।

अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु विधानसभा द्वारा मेकेदातु मुद्दे पर नए ट्रिब्यूनल के गठन की मांग वाले प्रस्ताव का भी विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि किसान इस प्रस्ताव के खिलाफ हैं, क्योंकि उनका मानना है कि नए ट्रिब्यूनल के जरिए कानूनी प्रक्रिया दोबारा शुरू होने से तमिलनाडु के बजाय कर्नाटक की स्थिति मजबूत हो सकती है।

उन्होंने कहा कि भले ही तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय किसानों के हितों की रक्षा के प्रति ईमानदार हों, लेकिन किसानों का मानना है कि मेकेदातु मुद्दे पर उन्हें गलत सलाह दी जा रही है।

पीएमके अध्यक्ष ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने के अलावा सरकार ने कर्नाटक की इस परियोजना को रोकने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

उन्होंने तमिलनाडु सरकार से तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाकर कावेरी डेल्टा के किसानों की आशंकाओं को दूर करने और मेकेदातु परियोजना को रोकने के लिए व्यापक रणनीति तैयार करने की अपील की।

अंबुमणि रामदास ने दावा किया कि उनके जागरूकता अभियान में करीब पांच लाख किसानों और आम लोगों ने भाग लिया और सभी ने मेकेदातु परियोजना को हर हाल में रोकने की मांग की। उनका यह दौरा होगेनक्कल, पेन्नागरम, धर्मपुरी, सलेम, मेट्टूर, भवानी, इरोड, तिरुप्पुर, करूर, तिरुचिरापल्ली, कल्लनई (ग्रैंड एनीकट), तंजावुर, कुंभकोणम और मयिलादुथुरै सहित कई क्षेत्रों से होकर गुजरा।

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