July 8, 2026
Punjab

अकाल तक़्त जत्थेदार का कहना है कि सतलुज नदी को हटाना असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण है।

The Akal Takht Jathedar states that diverting the Sutlej River is unconstitutional and unjust.

मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा के जीवन और संघर्ष पर आधारित फिल्म “सतलुज” को ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के विरोध में मंगलवार को और भी तीव्रता देखने को मिली। अकाली तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार कुलदीप सिंह गरगज ने इस फैसले की निंदा की, वहीं अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने तरन तारन में विरोध प्रदर्शन किया।

इस कदम को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए गरगज ने कहा कि सिख समुदाय के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन को उजागर करने वाली फिल्म को रोकना असंवैधानिक और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने कहा कि खालरा फिल्म में 1990 के दशक में उग्रवाद के दौरान मारे गए अज्ञात सिख युवकों के कथित अवैध अंतिम संस्कार के दस्तावेजी रिकॉर्ड मौजूद हैं, जिससे यह मुद्दा दुनिया के ध्यान में आया। उन्होंने कहा, “सत्य को कभी भी स्थायी रूप से दबाया नहीं जा सकता।” इसी बीच, अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने विरोध मार्च निकाला। पार्टी नेताओं ने उपायुक्त के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा।

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