July 10, 2026
National

महाराष्ट्र : डांस बार पर जगताप के सवाल, शिरसाट ने राउत और विपक्ष को दिया करारा जवाब

Maharashtra: Jagtap raises questions on dance bars; Shirsat gives a scathing reply to Raut and the opposition.

10 जुलाई । महाराष्ट्र में डांस बारों के संचालन, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कामकाज और शरद पवार-एकनाथ शिंदे की मुलाकात को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस के महाराष्ट्र विधान परिषद सदस्य भाई जगताप ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल उठाए। वहीं, महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार के कामकाज को शानदार बताया।

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने राज्य में डांस बारों के कथित रूप से खुलेआम संचालित होने को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि डांस बार बिना किसी डर के चल रहे हैं। उन्हें पुलिस और सरकार का संरक्षण प्राप्त है। जब आरआर पाटिल प्रदेश के गृह मंत्री थे, तब हमारी सरकार ने डांस बारों के खिलाफ सख्त कानून बनाया था और उसके प्रभाव से ऐसे प्रतिष्ठान बंद हो गए थे। लेकिन, आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। मुंबई और नवी मुंबई सहित कई स्थानों पर डांस बार खुलेआम संचालित हो रहे हैं। सरकार का दायित्व गलत गतिविधियों पर अंकुश लगाना और कानून का भय बनाए रखना है, लेकिन वर्तमान स्थिति में ऐसा दिखाई नहीं देता।

वहीं, शिवसेना नेता एवं महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत के मुख्यमंत्री पर दिए गए बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि संजय राउत बार-बार अपने बयान बदलते रहते हैं और यह उनकी आदत बन चुकी है। कुछ दिन पहले तक संजय राउत स्वयं देवेंद्र फडणवीस की तारीफ कर रहे थे, लेकिन अब उनके खिलाफ बयान दे रहे हैं। पूरे महाराष्ट्र को पता है कि मुख्यमंत्री फडणवीस अच्छा काम कर रहे हैं और जिस गति से सरकार काम कर रही है, उसकी आम जनता भी सराहना कर रही है। ऐसे में संजय राउत की बयानबाजी को सरकार गंभीरता से नहीं लेती।

शरद पवार और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की हालिया मुलाकात को लेकर उठ रही राजनीतिक अटकलों पर भी शिरसाट ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि शरद पवार देश के वरिष्ठ और सम्मानित नेताओं में से एक हैं। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से होने वाली ऐसी मुलाकातें महाराष्ट्र की लोकतांत्रिक और राजनीतिक संस्कृति को दर्शाती हैं। यह मुलाकात किसी गोपनीय स्थान पर नहीं, बल्कि खुले तौर पर हुई है। इसलिए इससे किसी नए राजनीतिक समीकरण या गठबंधन के संकेत निकालना उचित नहीं होगा। महाराष्ट्र के हित से जुड़े मुद्दों पर विभिन्न दलों के नेताओं का संवाद लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है और इसे उसी दृष्टि से देखा जाना चाहिए।

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