जवाली पुलिस ने गुरुवार को जारोट निवासी साहिल कुमार और पलांथ गांव निवासी राकेश कुमार को दो स्थानीय युवकों साहिल मिन्हास और सुनील कुमार की रहस्यमय मौत के बाद दर्ज गैर इरादतन हत्या के मामले में गिरफ्तार किया, जिनकी मौत मादक पदार्थों के ओवरडोज से होने का संदेह है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, साहिल मिन्हास और सुनील कुमार 7 जुलाई से लापता थे और उनके परिवार ने 8 जुलाई को जवाली पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। मिन्हास का शव देहरी गांव के एक सुनसान घर से बरामद किया गया, जबकि सुनील कुमार पास के जंगल में गंभीर हालत में मिले। कुमार को जवाली सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने उन्हें कांगड़ा जिले के टांडा स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, 11 जुलाई को टांडा अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।
मिन्हास की मां ने पुलिस को दिए अपने बयान में अपने बेटे की रहस्यमय मौत के पीछे साजिश का संदेह जताया। नूरपुर के अतिरिक्त एसपी धर्म चंद वर्मा ने बताया कि जवाली पुलिस ने आरोपी साहिल से पूछताछ की, जिसने कबूल किया कि साहिल मिन्हास और सुनील कुमार ने देहरी गांव के सुनसान घर में हेरोइन (चिट्टा) के इंजेक्शन लिए थे। उसने यह भी स्वीकार किया कि सुनील कुमार चिट्टा लेकर आया था।
वर्मा ने बताया कि आरोपियों ने साहिल मिन्हास और सुनील कुमार को चिट्टा का इंजेक्शन लगाने के बाद वहीं छोड़ दिया और उनके परिवार वालों को उनकी हालत के बारे में कोई सूचना नहीं दी। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने साहिल मिन्हास का मोबाइल फोन और इस्तेमाल की हुई सीरिंजें घर से बरामद कर ली हैं और जांच शुरू कर दी है।


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