July 18, 2026
National

’25 वर्षों से सनातन धर्म और वैदिक शिक्षा की अलख जगा रहा है दूधेश्वर वेद विद्यालय’, धर्मगुरुओं ने की सराहना

‘Dudheshwar Ved Vidyalaya has been kindling the flame of Sanatan Dharma and Vedic education for 25 years’ – Religious leaders offer praise.

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित प्राचीन दूधेश्वर नाथ मंदिर परिसर में संचालित दूधेश्वर वेद विद्यालय के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को रजत जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से महामंडलेश्वर, संत-महात्मा, धर्माचार्य और अन्य धार्मिक हस्तियों ने भाग लिया। समारोह के दौरान वैदिक संस्कृति, सनातन धर्म तथा भारतीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन पर मंथन किया गया। चारों वेदों के मंत्रोच्चार, धार्मिक अनुष्ठानों और संतों के प्रवचनों से आयोजन आध्यात्मिक माहौल में संपन्न हुआ।

दूधेश्वर नाथ मंदिर के पीठाधीश्वर महंत नारायण गिरी ने कहा कि दूधेश्वर वेद विद्यालय पिछले 25 वर्षों से वैदिक शिक्षा और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश और विदेश में भारतीय संस्कृति, वैदिक परंपराओं तथा सनातन मूल्यों का प्रसार कर रहे हैं। बदलते समय में वैदिक शिक्षा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।

समारोह में शामिल आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य वैदिक और सनातन संस्कृति के संरक्षण को नई दिशा देना है। उन्होंने कहा कि संतों की मौजूदगी में भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उपायों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं और संस्कारों को बढ़ावा देने के लिए सभी को मिलकर कार्य करना होगा।

आजम खान की यूनिवर्सिटी से जुड़े न्यायालय के आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पहले भी कई मंदिर तोड़े गए हैं और उस समय मौन रहने वाले लोग अब अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों की स्थापना स्वागत योग्य है, लेकिन सभी शिक्षण संस्थानों को कानून के दायरे में रहकर कार्य करना चाहिए।

विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि दूधेश्वर नाथ मंदिर केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कृति, शिक्षा और संस्कारों का भी प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में स्वयंभू शिवलिंग, गौशाला और वेद विद्यालय संचालित हैं तथा यहां से शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थी देश-विदेश में भारतीय संस्कृति का प्रचार-प्रसार कर रहे हैं।

मौलाना जर्जिस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आलोक कुमार ने कहा कि ऐसे बयानों पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता नहीं है। महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद ने दूधेश्वरनाथ मठ को गाजियाबाद की प्राचीन धरोहर बताते हुए कहा कि यह क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं और गणमान्य लोगों ने भाग लिया।

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