July 21, 2026
National

राजनीतिक दल शिक्षा का मुद्दा सदन में उठाने का भरोसा दें, तभी खत्म होगा सोनम वांगचुक का अनशन: गीतांजलि अंगमो

Sonam Wangchuk’s hunger strike will end only if political parties assure that they will raise the issue of education in the House: Gitanjali Angmo.

कॉकरोच जनता पार्टी के साथ अनशन कर रहे सोनम वांगचुक को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया है। एक तरफ 20 जुलाई को प्रदर्शनकारी मार्च करने वाले हैं तो वहीं दिल्ली पुलिस ने आगाह किया है कि इसकी अनुमति नहीं है। अब सोनम वांगचुक की पत्नी ने कहा कि अगर राजनीतिक दल के नेता सोनम वांगचुक से मिलकर सदन में शिक्षा के मुद्दे को उठाने का भरोसा देते हैं, तो वह कल अनशन तोड़ देंगे।

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने मंच से कहा है कि यदि विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता सोमवार को सफदरजंग अस्पताल में सोनम वांगचुक से मिलकर यह भरोसा देते हैं कि वे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही और शिक्षा सुधार के मुद्दे को प्रमुखता से उठाएंगे, तभी वांगचुक अपना अनशन समाप्त करेंगे।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर मीडिया से बातचीत में गीतांजलि आंगमो ने कहा, “सोनम कल अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल में उनसे मिलकर यह आश्वासन देंगे कि वे संसद सत्र के दौरान शिक्षा में जवाबदेही के मुद्दे को उठाएंगे।”

उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि यह मार्च बहुत सफल हो, क्योंकि देशभर से लोग इसमें शामिल होने आ रहे हैं। कई राजनीतिक नेता भी आ रहे हैं। सोनम का कहना है कि अगर सांसद और अन्य नेता सोमवार को सफदरजंग अस्पताल में उनसे मिलकर यह भरोसा दें कि वे संसद के इस सत्र में शिक्षा में जवाबदेही और शिक्षा सुधार को मुख्य एजेंडा बनाएंगे, तभी वह अपना अनशन खत्म करेंगे।”

गीतांजलि आंगमो ने कहा कि उनका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही सुनिश्चित करना और शिक्षा सुधार के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाना है।बता दें कि राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से प्रदर्शन करी रही कॉकरोच जनता पार्टी 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने सीजेपी के पास अनुमति न होने की बात कही है।

नई दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि 20 जुलाई को संसद तक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के कथित मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है। उन्होंने आगे कहा कि बीएनएस की धारा 163 लागू है और विरोध प्रदर्शन केवल जंतर-मंतर के निर्धारित स्थल पर पूर्व अनुमति से ही किए जा सकते हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया है कि सीजेपी द्वारा मार्च निकालने की अनुमति मांगने वाला कोई आवेदन दिल्ली पुलिस को प्राप्त नहीं हुआ है और न ही कोई अनुमति दी गई है।

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