July 21, 2026
National

अभिषेक बनर्जी को इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

Abhishek Banerjee denied permission to go abroad for medical treatment; High Court dismisses plea.

कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल-जज बेंच ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगी थी। हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले नफरत फैलाने वाले भाषण देने के आरोप में बनर्जी के खिलाफ चल रहे एक मामले की सुनवाई के दौरान सांसद के वकील ने अपने क्लाइंट को आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने की अपील की।

हालांकि, मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस सौगत भट्टाचार्य ने विदेश यात्रा की अपील को खारिज कर दिया। इसके बजाय जस्टिस भट्टाचार्य ने अभिषेक बनर्जी को सलाह दी कि वे पहले कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के विशेषज्ञों से सलाह लें। जस्टिस भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि अदालत इस मामले में आगे का फैसला एसएसकेएम मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट देखने के बाद ही लेगी।

जब अभिषेक बनर्जी के वकील ने अपने क्लाइंट के आंखों के इलाज के लिए विदेश यात्रा की अनुमति की अपील की, तो जस्टिस भट्टाचार्य ने सबसे पहले यह पूछा कि क्या डायमंड हार्बर के सांसद ने किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से सलाह ली है। इसके जवाब में अभिषेक के वकील ने अदालत को बताया कि उनके क्लाइंट का पिछले दस सालों से अमेरिका में आंखों का इलाज चल रहा है। राज्य सरकार के वकील और राज्य के अतिरिक्त एडवोकेट जनरल राजदीप मजूमदार ने अभिषेक बनर्जी को विदेश यात्रा की अनुमति देने का जोरदार विरोध किया।

मजूमदार ने तर्क दिया कि चूंकि नफरत फैलाने वाले भाषण के मामले सहित कई अन्य महत्वपूर्ण मामले लंबित हैं, इसलिए उनकी विदेश यात्रा की अनुमति से जांच प्रक्रिया में जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। दोनों पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि वे एसएसकेएम कॉलेज के नेत्र रोग विभाग के प्रमुख को सांसद की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश देंगे।

जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि अदालत रिपोर्ट के आधार पर मामले में फैसला करेगी। उनकी विदेश यात्रा की अनुमति के मामले में अगली सुनवाई अगस्त में होगी। हालांकि, जस्टिस भट्टाचार्य ने सांसद अभिषेक को पुलिस की सख्त कार्रवाई (नफरत फैलाने वाले भाषण के मामले में गिरफ्तारी भी शामिल है) से अक्टूबर तक के लिए अंतरिम सुरक्षा दे दी। उन पर हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले एक चुनावी रैली में हिंसा भड़काने वाले बयान देने और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धमकाने का आरोप था।

साथ ही, जस्टिस भट्टाचार्य ने अभिषेक बनर्जी को जांच प्रक्रिया में पुलिस का सहयोग करने का निर्देश दिया और आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) को भी मामले की जांच जल्द से जल्द पूरी करने का निर्देश दिया।

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