खाद्य सुरक्षा विभाग ने सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के अपने निरंतर अभियान के तहत दीप नगर स्थित एक गोदाम पर छापा मारा और लगभग 3,000 लीटर देसी गाय का घी जब्त किया। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नमूने एकत्र किए गए और विश्लेषण के लिए सरकार द्वारा अधिसूचित प्रयोगशाला में भेजे गए।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) डॉ. आशीष चावला ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि घी कथित तौर पर गुजरात से मंगवाया गया था। उन्होंने आगे बताया कि उत्पाद को लगभग 400 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा गया था, जबकि अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 700 रुपये प्रति लीटर छपा हुआ था।
उन्होंने कहा कि विभाग जांच के तहत खरीद चालान, परिवहन दस्तावेज, उत्पाद लेबलिंग और अन्य रिकॉर्डों का सत्यापन कर रहा है।
चावला ने आगे कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के दिशानिर्देशों के तहत, प्रत्येक खाद्य व्यवसाय संचालक (एफबीओ) के पास वैध एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण होना, उचित स्वच्छता बनाए रखना, सटीक लेबलिंग सुनिश्चित करना, वैधानिक अभिलेखों को संरक्षित करना और निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनुपालन करने वाले खाद्य उत्पादों का विपणन करना आवश्यक है।
उन्होंने आगे कहा कि किसी भी खाद्य उत्पाद की गुणवत्ता और सुरक्षा का निर्धारण केवल प्रयोगशाला विश्लेषण के बाद ही किया जा सकता है।यदि आवश्यक हुआ तो प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चावला ने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे खाद्य पदार्थों की खरीद केवल एफएसएसएआई द्वारा लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों से ही करें, खरीद से पहले उत्पाद लेबल और एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर की जांच करें और खाद्य सुरक्षा उल्लंघन के किसी भी संदेह की सूचना विभाग को दें।


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