August 11, 2026
National

अभिजीत दिपके ने झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज पर जताया विरोध, उपोषण पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो को दिया समर्थन

Abhijit Dipke protested against the lathi-charge on students in Jharkhand and extended support to Devendra Nath Mahto, who is on a hunger strike.

झारखंड में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज के आरोपों को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने विरोध जताया है। दिपके ने अस्पताल में उपचार करा रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कर उनका हाल जाना और उनके आंदोलन को समर्थन देने की बात कही।

देवेंद्र नाथ महतो पिछले नौ दिनों से शांतिपूर्ण उपोषण पर बैठे थे। इसी दौरान पुलिस कार्रवाई में उनके घायल होने का दावा किया गया है। तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है। प्रेस विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि उनकी स्थिति गंभीर है और उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट दिया जा रहा है।

अस्पताल से देवेंद्र नाथ महतो ने वीडियो कॉल पर अभिजीत दिपके से बातचीत की और आंदोलन के दौरान हुई घटना की जानकारी दी। बताया गया कि कथित लाठीचार्ज के बाद उनके सीने में तेज दर्द हुआ और इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। दिपके ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को लोकतांत्रिक अधिकारों के खिलाफ बताया।

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर झारखंड की सड़कों तक छात्रों और युवाओं की आवाज को बल प्रयोग के जरिए दबाया नहीं जाना चाहिए।

दिपके ने कहा, “देवेंद्र भाई छात्र वर्ग के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा रहे हैं। सीजेपी उनके न्यायपूर्ण संघर्ष में मजबूती से उनके साथ खड़ी है। हम उनके साहस, दृढ़ता और संघर्ष को सलाम करते हैं।”

सीजेपी की ओर से झारखंड में हुई पुलिस कार्रवाई की तत्काल और निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। संगठन ने कहा कि यदि छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया है, तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। साथ ही कार्रवाई के आदेश देने वाले अधिकारियों की भूमिका की जांच कर दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

दिपके ने कहा कि सरकारी दबाव या पुलिस बल के इस्तेमाल से युवाओं और छात्रों की आवाज को लंबे समय तक दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अपनी मांग रखने का अधिकार सभी को है। सीजेपी ने कहा कि वह छात्रों के लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन के समर्थन में आगे भी खड़ी रहेगी। संगठन ने संबंधित प्रशासन से आंदोलनकारियों की मांगों पर बातचीत करने और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।

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