August 11, 2026
National

सावन की शिवरात्रि पर झंडेवालन और दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

A huge crowd of devotees was seen at the Jhandewalan and Dudheshwar Nath Math Mahadev temples on the occasion of Sawan Shivratri.

सावन की शिवरात्रि पर दिल्ली के झंडेवालन देवी मंदिर और गाजियाबाद के ऐतिहासिक दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी है। हरिद्वार से कावड़ लाए कावड़ियों ने झंडेवालन देवी मंदिर में स्थित भोलेनाथ को जलाभिषेक किया।

झंडेवालान मंदिर के महंत अंबिका प्रसाद पंत ने बताया कि शास्त्रों में सावन की शिवरात्रि को परम फलदायी माना गया है। यह श्रावण शिवरात्रि है। श्रावण का महीना भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है, और इस महीने के सोमवार उनके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण और प्रिय होते हैं। आज चतुर्दशी है। कांवड़ियों द्वारा पवित्र गंगाजल लाकर भगवान शिव का अभिषेक करने की परंपरा समुद्र मंथन से जुड़ी है।

महंत ने बताया कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने धारण किया था। विष के प्रभाव से भगवान शिव का शरीर जलने लगा और वह व्याकुल होने लगे तो मां गंगा ने आकर अभिषेक किया। अभिषेक से भगवान शिव को आराम मिला। इसके बाद देवताओं ने भारी बारिश से भगवान शिव का अभिषेक किया, जिससे विष का ताप कम हो गया। भगवान शिव ने उस समय कहा था, जो भी मेरा गंगाजल से अभिषेक करेंगे, उनकी मनोकामनाएं पूरी होंगी। माना जाता है कि ये वो पावन तिथि है जब भोलेनाथ की असीम कृपा भक्तों पर बरसती है। इस दिन भगवान शंकर के भक्त व्रत रखते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। इस दिन शिवलिंग पर जल चढ़ाने से इंसान की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है।

झंडेवालान मंदिर पहुंचे श्रद्धालु रणजीत कुमार झा ने कहा, “माता के दरबार में आने से ऊर्जा मिलती है। माता के शरण में आने से सब दुख भूल जाते हैं।”

वहीं, गाजियाबाद के ऐतिहासिक दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर में रात 12 बजे से ही श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक शुरू कर दिया था। सुबह होते-होते मंदिर के बाहर भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। हर कोई अपने आराध्य भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए घंटों इंतजार करता नजर आया। मान्यता है कि दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर की महानता त्रेता युग से जुड़ी हुई है और यहां दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं।

शिवरात्रि के मौके पर मंदिर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंज रहे हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि इस मंदिर में उनकी गहरी आस्था है और वे कई वर्षों से यहां आकर बाबा दूधेश्वर का जलाभिषेक करते हैं और अपनी मनोकामना भगवान शिव के सामने रखते हैं।

दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर पहुंचे एक भक्त का कहना है, “भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कई तरह के प्रयास कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, हम पैदल चलकर यहां पवित्र जल लाए हैं और हममें से कुछ के पैरों में छाले भी पड़ गए हैं। इस मंदिर का बहुत धार्मिक महत्व है और लोग यहां अटूट श्रद्धा और भक्ति के साथ आते हैं।”

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