राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने आज लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि आज लगाया और पाला-पोसा गया हर पेड़ आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अमिट विरासत बनेगा। उन्होंने नागरिकों, विशेषकर युवाओं से, प्रकृति की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने और नशामुक्त समाज के अभियान का नेतृत्व करने का आह्वान किया।
राज्यपाल आज यहां एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में निशकाम सृजन फाउंडेशन के सहयोग से ‘हर पेड़, हिमाचल का अभिमान – एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत आयोजित वृक्षारोपण अभियान को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर बोलते हुए राज्यपाल ने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को छात्रों में पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व के मूल्यों को विकसित करके सतत विकास के केंद्र के रूप में उभरना चाहिए। उन्होंने कहा, “पौधारोपण को केवल एक प्रतीकात्मक अभ्यास नहीं बल्कि एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता के रूप में देखा जाना चाहिए। वृक्षारोपण अभियान की वास्तविक सफलता केवल पौधे लगाने में ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने में भी निहित है कि वे स्वस्थ वृक्षों के रूप में विकसित हों।”
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रव्यापी ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को भारत के समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों से प्रभावी ढंग से जोड़ता है।
गुप्ता ने युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए छात्रों से आग्रह किया कि वे अपनी शैक्षणिक यात्रा के दौरान कम से कम एक पौधा लगाएं और उसे एक पूर्ण विकसित वृक्ष के रूप में पोषित करें। उन्होंने कहा, “वर्षों बाद, जब आप अपने शिक्षण संस्थान लौटेंगे, तो वह वृक्ष समाज और पर्यावरण के प्रति आपकी प्रतिबद्धता का एक जीवंत प्रतीक होना चाहिए।”
राज्यपाल ने छात्रों से पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त अभियान के राजदूत बनने का आग्रह किया।


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