August 20, 2026
National

‘वंदे मातरम’ विवाद पर कांग्रेस को भाजपा नेताओं का जवाब, बोले- ‘भारत माता के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा देश’

BJP leaders respond to Congress over the ‘Vande Mataram’ controversy, stating, “The country will not tolerate the insult to Bharat Mata.”

‘वंदे मातरम’ के गायन को लेकर कांग्रेस के हालिया फैसले पर सत्तापक्ष ने कड़ा ऐतराज जताया है। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस वोटबैंक की घटिया राजनीति कर रही है। भारत माता के इस अपमान को देश बर्दाश्त नहीं करेगा।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को पटना में कहा, “हजारों क्रांतिकारियों ने ‘वंदे मातरम’ का उद्घोष किया था, जिन्होंने खुशी-खुशी फांसी का फंदा चूमा और देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। ‘वंदे मातरम’ भारत का गौरव है। पूरा ‘वंदे मातरम’ न गाना सिर्फ ‘वंदे मातरम’ का अपमान नहीं है। यह भारत माता का भी अपमान है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस की लीगी मानसिकता अभी तक बदली नहीं है। 1937 में मु्स्लिम लीग के दबाव में कांग्रेस ने यह फैसला लिया था कि पूरा ‘वंदे मातरम’ गीत नहीं गाया जाएगा। आज भी कांग्रेस भारत की संस्कृति, जीवन मूल्य, परंपराओं और जड़ों से जुड़ी हुई नहीं है। वह वोटबैंक की घटिया राजनीति कर रही है।

केंद्रीय मंत्री ने सवाल पूछा, “क्या कांग्रेस संसद से ऊपर है और क्या संविधान से ऊपर है?” शिवराज सिंह ने कहा, “भारत माता के इस अपमान को देश बर्दाश्त नहीं करेगा। कांग्रेस को देश कभी माफ नहीं करेगा।”

वहीं, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कांग्रेस ने आखिरकार मान लिया है कि वह वंदे मातरम का विरोध करती रहेगी। कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने निर्णय लिया है कि कांग्रेस ‘वंदे मातरम’ का दो छंद ही गाएगी। कांग्रेस अपने को देश और संविधान से ऊपर मानती है। संसद जब कोई कानून पारित करता है तो देशवासियों को मानना पड़ता है संविधान यही कहता। संविधान का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान।”

बिहार सरकार में मंत्री विजय सिन्हा ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “कांग्रेस मानसिक तौर पर गुलाम है और कांग्रेस में बैठे लोग बंधुआ मजदूर की तरह हैं। सोनिया गांधी जो भारतीय कल्चर से बहुत दूर हैं, ‘वंदे मातरम’ का अर्थ भी जिन्हें समझ में नहीं आता उनके इशारे पर इस तरह के तुष्टिकरण के निर्णय उनके लिए आत्मघाती होगा। जो भारत माता का सम्मान ना करे यह देश उसे स्वीकार नहीं करेगा।”

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