उत्तर प्रदेश में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर लगातार सियासी घमासान जारी है। इसी बीच समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर एक पोस्टर लगाया गया, जिसमें अयोध्या मंदिर में लूट के आरोपियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ चेतावनी दी गई है। इसको लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
मंत्री संजय निषाद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “जो लोग राम मंदिर बनाने में मदद करने, पूजा-अर्चना करने या सेवा करने के लिए कभी वहां नहीं गए, उनका इससे क्या लेना-देना है? न तो सरकार इस चोरी में शामिल है और न ही संत। इसलिए ऐसे आरोप लगाना गलत है। चोर कोई भी हो सकता है। किसी की नीयत खराब हो सकती है और संविधान के प्रावधानों के अनुसार, सजा दी जाती है। विपक्ष के लोग राजनीतिकरण करना चाहते हैं। अब संत महात्माओं पर अगर आरोप लगाएंगे तो निश्चित रूप से संत महात्मा इनके खिलाफ तो खड़े होंगे ही। सरकार की बात है, सरकार से लड़िए, संत महात्माओं को घसीटना गलत है।”
सपा द्वारा सीएम योगी का अमर्यादित एआई वीडियो चलाने पर संजय निषाद ने कहा, “यह देश और प्रदेश के एक यशस्वी मुख्यमंत्री का अपमान है और इस प्रदेश की जनता का अपमान है, जिसने उनको चुना है। इस तरह का अमर्यादित पोस्टर और अमर्यादित वीडियो बनाना ठीक नहीं है। यह मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की धरती है और इस तरह का काम नहीं होना चाहिए।”
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के साले राजीव त्रिपाठी द्वारा सपा का समर्थन करने के सवाल पर मंत्री संजय निषाद ने कहा, “हमको लगता है ऐसा होना नहीं चाहिए। लेकिन राजनीति में तो कोई रिश्तेदारी होती नहीं है। केवल समाजवादी पार्टी में रिश्तेदारी होती है। इतिहास उठा कर देखेंगे तो माधवराव सिंधिया कांग्रेस में होते थे और उनकी मां विजयाराजे सिंधिया भारतीय जनता पार्टी में होती थी। एक घर में मां-बेटे अलग-अलग पार्टी में काम करते थे। लोगों की अपनी-अपनी विचारधारा होती है। कोई भी किसी भी पार्टी की विचारधारा से जुड़कर अपना काम कर सकता है।”
उत्तराखंड में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर संजय निषाद ने कहा, “कांग्रेस का दोहरा चरित्र है। यह नॉन-इश्यू को इश्यू बनाते हैं और इश्यू को नॉन-इश्यू बनाते हैं। इनका न दलितों से मतलब है, न पिछड़ों से मतलब, न किसी से मतलब। इनका एक ही काम है, किसी तरीके से हम छप जाएं। छपेंगे तो पिछले जितने काले कारनामे हैं, वो दिखेंगे नहीं।”


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