September 1, 2026
National

भारतीय सेना का बड़ा कदम, 41 आर्मी स्टेशनों को पीएनजी से जोड़ने का लक्ष्य

Major move by the Indian Army: Aim to connect 41 Army stations to PNG.

भारतीय सेना अब अपने सैन्य प्रतिष्ठानों में पारंपरिक ईंधन की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी को बढ़ावा देने की तैयारी में जुट गई है। पहले चरण में 41 आर्मी स्टेशनों को पीएनजी से जोड़ने का लक्ष्य है। इसी कड़ी में दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ सेंटर में ‘पीएनजी ट्रांजिशन वेबिनार-2026’ आयोजित किया गया।

सेना का लक्ष्य है कि जहां भी पीएनजी की सुविधा व्यवहारिक रूप से उपलब्ध है, वहां सैन्य प्रतिष्ठानों को चरणबद्ध तरीके से इससे जोड़ा जाए। सेना ने वित्त वर्ष 2026-27 में 41 आर्मी स्टेशनों को पीएनजी से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके बाद इस व्यवस्था का विस्तार उन दूसरे सैन्य प्रतिष्ठानों तक किया जाएगा, जहां पीएनजी उपलब्ध कराना संभव होगा। यह पहल केंद्र सरकार के गैस आधारित अर्थव्यवस्था के विजन के अनुरूप है।

सेना के लिए यह बदलाव ऊर्जा के अधिक कुशल इस्तेमाल के साथ-साथ एक अधिक टिकाऊ ईंधन व्यवस्था की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है। पीएनजी को सेना के प्रतिष्ठानों तक पहुंचाने की राह आसान बनाने का प्रयास भी किया जा रहा है। इसके लिए वेबिनार में ‘इंडियन आर्मी पीएनजी गाइड’ जारी की गई। यह गाइड सैन्य प्रतिष्ठानों को पीएनजी में बदलने के दौरान आने वाली प्रशासनिक, तकनीकी, सुरक्षा और कार्यान्वयन संबंधी जरूरतों के लिए एक साझा संदर्भ दस्तावेज के रूप में काम करेगी।

वेबिनार में सिर्फ गैस पाइपलाइन बिछाने की तकनीकी चर्चा नहीं हुई, बल्कि पीएनजी बदलाव से जुड़े लगभग हर महत्वपूर्ण पहलू पर मंथन किया गया। इसमें नीति, नियामकीय प्रावधान, वैधानिक मंजूरियां, भूमि, निर्माण कार्य, तकनीकी जरूरतें, सुरक्षा, लेखांकन और प्रतिपूर्ति जैसे मुद्दे शामिल रहे। सिटी गैस वितरण कंपनियों की तैयारियों और अलग-अलग सैन्य स्टेशनों पर पीएनजी लागू करने के अनुभव भी साझा किए गए।

सुरक्षा मानकों को लेकर भी विशेष चर्चा हुई, ताकि नई व्यवस्था को लागू करते समय किसी तरह का जोखिम न रहे। इस पहल को जमीन पर उतारने के लिए सेना के साथ सरकारी एजेंसियों, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड, रक्षा संपदा संगठन, सैन्य अभियंता सेवा और सिटी गैस वितरण कंपनियों के प्रतिनिधि एक मंच पर आए।

वेबिनार के अंत में भारतीय सेना ने स्पष्ट किया कि पीएनजी में बदलाव केवल ईंधन बदलने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसे सुरक्षित, कुशल और टिकाऊ ऊर्जा व्यवस्था के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। 41 आर्मी स्टेशनों से शुरू होने वाला यह अभियान आने वाले समय में सेना के दूसरे व्यवहारिक रूप से उपयुक्त प्रतिष्ठानों तक भी पहुंचाने की तैयारी है।

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