September 4, 2026
National

झारखंड हाई कोर्ट के आदेश पर बोकारो से छह साल पहले लापता नाबालिग के मामले में सीबीआई ने शुरू की जांच

The CBI has initiated an investigation into the case of a minor who went missing from Bokaro six years ago, following an order by the Jharkhand High Court.

झारखंड के बोकारो से छह साल पहले लापता हुई 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अज्ञात अभियुक्तों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई की रांची इकाई ने यह एफआईआर दर्ज की है। मामले में मानव तस्करी की आशंका और अंतरराज्यीय कनेक्शन की भी जांच की जाएगी।

गुरुवार को हाईकोर्ट ने सीबीआई निदेशक को जांच की उचित निगरानी और नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को 27 अक्टूबर तक हलफनामे के माध्यम से प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। मामला बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र का है। 16 अक्टूबर 2020 को 14 वर्षीय लड़की ट्यूशन पढ़ने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों की शिकायत पर उसी दिन थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शुरुआत में मामले की जांच बोकारो पुलिस ने की।

पुलिस ने लड़की की तलाश के लिए कई स्तर पर जांच की, लेकिन उसके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। जांच के दौरान तीन लोगों का नार्को टेस्ट भी कराया गया था। हालांकि, इससे भी लापता लड़की के संबंध में कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने नहीं आई। पुलिस की जांच में सफलता नहीं मिलने के बाद लड़की की मां ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि मामले की जांच सीआईडी को सौंप दी गई है। सीआईडी ने बाद में विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर मामले की जांच शुरू की।

अदालत के निर्देश पर सीआईडी ने जांच की प्रगति रिपोर्ट भी सौंपी। रिपोर्ट में लड़की के लापता होने की घटना के पीछे मानव तस्करी की आशंका जताई गई। सीआईडी ने इसे अंतरराज्यीय मामला बताते हुए तकनीकी संसाधनों और जांच से जुड़ी कुछ दिक्कतों के कारण आगे की जांच में असमर्थता भी जताई। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने को लेकर केंद्रीय एजेंसी और राज्य सरकार से राय मांगी। सीबीआई ने मामले की जांच करने पर अपनी सहमति दी। राज्य सरकार ने भी सीबीआई जांच पर कोई आपत्ति नहीं होने की जानकारी अदालत को दी।

दोनों पक्षों की राय सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया। अदालत ने सीआईडी के एडीजी को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड सीबीआई के रांची स्थित ईस्टर्न जोन के संयुक्त निदेशक को सौंपने का निर्देश दिया है। अब सीबीआई पुलिस और सीआईडी की पूर्व जांच से मिले रिकॉर्ड की समीक्षा करने के साथ ही पुराने सुरागों की नए सिरे से पड़ताल करेगी।

अंतरराज्यीय कनेक्शन, मानव तस्करी की आशंका और उपलब्ध डिजिटल एवं तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच की जाएगी। करीब छह साल से बेटी की तलाश कर रहे परिवार के लिए सीबीआई जांच से अब मामले में ठोस सुराग मिलने की उम्मीद जगी है।

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