September 4, 2026
Entertainment

कृति सेनन के रक्षाबंधन एड विवाद पर गजेंद्र चौहान ने जताई नाराजगी, बोले- ‘अपनी जिंदगी में कुछ भी पहनें, लेकिन कैमरे पर…’

Gajendra Chauhan expresses displeasure over Kriti Sanon’s Raksha Bandhan ad controversy, says—”Wear whatever you want in your personal life, but on camera…”

अभिनेता गजेंद्र चौहान ने बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन के रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर प्रतिक्रिया दी है। आईएएनएस से बातचीत में उन्होंने इस विज्ञापन को लेकर असहमति जताई। उनका कहना है कि रक्षा बंधन भारत के पवित्र त्योहारों में से एक है, जो भाई-बहन के प्यार को दर्शाता है। ऐसे त्योहार से जुड़े किसी विज्ञापन में कलाकारों की प्रस्तुति ऐसी नहीं होनी चाहिए, जिससे लोगों तक गलत संदेश पहुंचे।

आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में गजेंद्र चौहान ने कृति के रिवीलिंग कॉस्ट्यूम को लेकर सवाल उठाए और कहा कि कपड़े पहनना भले ही किसी व्यक्ति की निजी पसंद हो, लेकिन पब्लिक फिगर होने के बाद जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। भारत ऐसा देश है जहां कई तरह के त्योहार मनाए जाते हैं और रक्षा बंधन भी उन्हीं में से एक है। यह त्योहार भाई-बहन के रिश्ते, प्यार और एक-दूसरे की रक्षा के वादे से जुड़ा है। ऐसे में कृति सेनन का रिवीलिंग कॉस्ट्यूम में विज्ञापन आना मुझे सही नहीं लगता। मैं इस विज्ञापन का खंडन करता हूं। मेरा मानना है कि विज्ञापन के जरिए देशवासियों तक किसी भी तरह का गलत संदेश नहीं जाना चाहिए।

गजेंद्र चौहान ने कहा, ”किसी व्यक्ति को क्या पहनना है, यह उसकी अपनी निजी पसंद है। अगर कोई व्यक्ति अपनी निजी जिंदगी में कुछ भी पहनता है, तो उस पर सवाल उठाना सही नहीं है। जब कोई व्यक्ति पब्लिक फिगर होता है और कैमरे के सामने किसी ब्रांड या विज्ञापन के जरिए लोगों तक पहुंचता है, तो उसके काम और पहनावे का असर केवल उसकी निजी जिंदगी तक सीमित नहीं रहता। ऐसे समय में यह देखना जरूरी हो जाता है कि दर्शकों और समाज तक किस तरह का संदेश जा रहा है। मुझे जानकारी मिली थी कि विवाद बढ़ने के बाद ज्वेलरी ब्रांड ने विज्ञापन हटा दिया था। यह अच्छी खबर थी, लेकिन ऐसी ऐड का सामने आना ही देशवासियों के लिए गलत संदेश देने वाला है। विज्ञापन को हटाना बाद का कदम है, लेकिन शुरुआत में ही इस तरह की चीजों का ध्यान रखा जाना चाहिए कि किसी त्योहार की भावनाओं को लेकर विवाद खड़ा न हो।”

कृति सेनन की ओर से विज्ञापन को लेकर दी गई सफाई पर भी गजेंद्र चौहान ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ”खाना-पीना और पहनना व्यक्ति की निजी पसंद होती है, लेकिन पब्लिक फिगर बनने के बाद स्थिति कुछ अलग हो जाती है। पब्लिक फिगर कैमरे के सामने जो कुछ करता है या पहनता है, वह लोगों तक एक संदेश के तौर पर पहुंचता है। इसलिए कलाकारों को यह जिम्मेदारी समझनी चाहिए कि उनकी वजह से कोई गलत संदेश समाज तक न जाए।”

उन्होंने कहा, ”किसी कलाकार की निजी जिंदगी में वह क्या पहनता है या क्या करता है, यह उसका अधिकार है। जब वही चीज किसी विज्ञापन के जरिए बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचती है, तो उसकी जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। कलाकारों को अपनी निजी पसंद और सार्वजनिक मंच के बीच अंतर समझना चाहिए। निजी जिंदगी में व्यक्ति अपनी पसंद के हिसाब से रह सकता है, लेकिन कैमरे पर और खासकर किसी त्योहार से जुड़े विज्ञापन में ऐसी चीजों से बचना चाहिए, जिनसे विवाद या गलत संदेश की स्थिति पैदा हो।”

पूरा विवाद एक जूलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन से शुरू हुआ था, जिसमें कृति सेनन अपने ऑन-स्क्रीन भाई को राखी बांधती नजर आई। विज्ञापन में उन्होंने ब्रालेट-स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट पहनी थी। इसके अलावा, वह एक पेट डॉग को भी राखी बांधती दिखाई दी। विज्ञापन सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने कृति के कपड़ों और विज्ञापन के कॉन्सेप्ट पर सवाल उठाए। विवाद ने उस समय ज्यादा तूल पकड़ा, जब बीजेपी सांसद और एक्ट्रेस कंगना रनौत ने भी विज्ञापन पर सवाल उठाए।

Leave feedback about this

  • Service