केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने बुधवार को कहा कि राज्य बजट में घोषित प्रमुख विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाएगा और उन्हें अगले दो वर्षों के भीतर पटरी पर लाया जाएगा। तिरुवनंतपुरम में तीन दिवसीय ‘रीइमैजिनिंग केरल राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस’ का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बजट घोषणाओं को समयबद्ध और प्रभावी तरीके से जमीनी विकास परियोजनाओं में बदलना है।
उन्होंने कहा, “अगले छह महीनों में परियोजनाओं को स्पष्ट स्वरूप दिया जाएगा और दो वर्षों के भीतर उन्हें क्रियान्वयन की पटरी पर लाया जाएगा।”
मुख्यमंत्री सतीशन ने कहा कि सरकार की सफलता का आकलन घोषित परियोजनाओं की संख्या से नहीं, बल्कि इस बात से होना चाहिए कि कितनी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी हुईं।
उन्होंने कहा कि केरल अब केवल अपने पुराने “केरल मॉडल” की उपलब्धियों पर संतुष्ट नहीं रह सकता। तेजी से बदलती दुनिया की चुनौतियों का सामना करने के लिए राज्य को खुद को नई जरूरतों के अनुरूप तैयार करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केरल को प्रवासी आय (रेमिटेंस) आधारित अर्थव्यवस्था से निवेश आधारित अर्थव्यवस्था में बदलने की दिशा में काम करेगी। इसके तहत करोड़ों रुपये के बड़े निवेश के साथ-साथ एक लाख रुपये से शुरू होने वाले छोटे निवेश भी आकर्षित करने का लक्ष्य रखा जाएगा।
निवेश के अनुकूल माहौल बनाने के लिए राज्य सरकार 19 कानूनों में संशोधन करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि समीक्षा में पाया गया है कि कई सरकारी विभाग केंद्र सरकार की योजनाओं के तहत उपलब्ध धनराशि का पूरा उपयोग नहीं कर रहे हैं। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि केरल को ऐसी सभी योजनाओं में उसका पात्र हिस्सा पूरी तरह मिले।
उन्होंने कहा कि राज्य योजना बोर्ड सहित विभिन्न सरकारी संस्थानों के कामकाज का भी पुनर्गठन किया जाएगा और योजना निर्माण व क्रियान्वयन की पारंपरिक कार्यप्रणाली में बदलाव किया जाएगा।
इस राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में 16 विभागों से जुड़े विकास परियोजनाओं पर विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों, तकनीकी संस्थानों, निवेशकों, वित्तीय संस्थानों, स्टार्टअप, सार्वजनिक उपक्रमों और प्रवासी समुदाय के प्रतिनिधियों को एक साथ लाया गया है।
सम्मेलन में परियोजनाओं के क्रियान्वयन, योजना निर्माण और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर चर्चा कर हितधारकों के सुझावों के आधार पर विस्तृत रोडमैप तैयार किया जाएगा।
उद्योग, आईटी और एआई मंत्री पी.के. कुन्हालिकुट्टी ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की राह में मौजूद बाधाओं को दूर करना इस सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य है।


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