उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शुक्रवार को हरौली उपमंडल के पलक्वा गांव स्थित हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एचपी एसडीआरएफ) के मुख्यालय में कम्प्यूटरीकृत इन्वेंटरी प्रबंधन प्रणाली और आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ किया। वे बल की पहली वार्षिक बैठक में बोल रहे थे, जिसमें होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा और एसडीआरएफ के कमांडेंट जनरल सतवंत अटवाल त्रिवेदी, एसडीआरएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरिजीत सेन, अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।
अग्निहोत्री ने आपदा राहत कार्यों में राज्य के युवाओं को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि आपात स्थितियों के दौरान एसडीआरएफ कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों की सहायता की जा सके। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को एक ऐसा ढांचा विकसित करना चाहिए जिससे प्रशिक्षित आपदा प्रतिक्रिया स्वयंसेवक एनसीसी कैडेटों और एनएसएस स्वयंसेवकों को दिए जाने वाले प्रमाणपत्रों के समान ही अपने प्रमाणपत्रों का उपयोग कर सकें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एसडीआरएफ कर्मियों के लिए बुनियादी ढांचे के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। बल को पलक्वा स्थित उद्योग विभाग का खाली कौशल विकास केंद्र कार्यालय के लिए आवंटित किया गया है। अग्निहोत्री ने कहा कि कर्मियों के लिए एक इनडोर स्टेडियम और खेल के मैदान के प्रस्ताव को जल्द ही संबंधित अधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।
हाल ही में हुए मणिमहेश यात्रा के दौरान एसडीआरएफ की भूमिका, बचाव तकनीकों और उपकरणों को दर्शाने वाली एक वृत्तचित्र दिखाई गई। राज्य भर में बचाव अभियानों में भाग लेने वाले कर्मियों और स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया, जबकि मॉक ड्रिल के माध्यम से आपातकालीन प्रतिक्रिया तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।


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