राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने सोलन स्थित बहरा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित किया, जहां उन्होंने 577 छात्रों को उपाधियां प्रदान कीं। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि ज्ञान के साथ-साथ कौशल, संवेदनशीलता, नैतिक मूल्य और जिम्मेदारी की भावना भी होनी चाहिए। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे नवाचार और नए अवसरों को अपनाते हुए अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें।
स्नातकों को बधाई देते हुए गुप्ता ने कहा कि यह अवसर न केवल एक शैक्षणिक यात्रा के समापन का प्रतीक है, बल्कि अवसरों, चुनौतियों और जिम्मेदारियों से भरे एक नए चरण की शुरुआत का भी प्रतीक है। उन्होंने छात्रों की उपलब्धियों में अभिभावकों और शिक्षकों के योगदान को भी स्वीकार किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक के विकसित भारत के विजन का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को केवल नौकरी चाहने वालों की बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनने, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने और अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज के व्यापक हित के लिए करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि व्यावसायिक सफलता का महत्व तभी बढ़ जाता है जब वह सामाजिक प्रगति और राष्ट्रीय विकास में योगदान देती है।
कुलपति आरपी नांता ने सभा को विश्वविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों से अवगत कराया।


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