हरियाणा के वन, पर्यावरण और वन्यजीव मंत्री राव नरबीर सिंह ने गुरुवार को हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) को गुरुग्राम सहित एनसीआर में वायु प्रदूषण नियंत्रण उपायों पर साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के लागू होने से पहले ही इन उपायों का असर जमीनी स्तर पर दिखना चाहिए।
मंत्री ने गुरुग्राम के पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में गुरुग्राम, रेवाड़ी, नूह और महेंद्रगढ़ जिलों के एचएसपीसीबी अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। क्षेत्रीय अधिकारी, सहायक पर्यावरण अभियंता, वैज्ञानिक (बी) और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
नरबीर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में राज्य के विधायकों के साथ बैठक के दौरान गुरुग्राम में नागरिक सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि एक जन प्रतिनिधि के रूप में वे शहर के निवासियों के प्रति जवाबदेह हैं और पूरे एनसीआर में प्रभावी प्रदूषण नियंत्रण की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि साप्ताहिक एचएसपीसीबी रिपोर्टों से समीक्षा और सुधारात्मक कार्रवाई संभव हो सकेगी। इनके आधार पर नगर निगमों और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) को आगे के उपाय करने के निर्देश दिए जाएंगे। उन्होंने एनसीआर जिलों में एचएसपीसीबी के अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की भी मांग की। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य प्रदूषण के स्रोतों की पहचान को मजबूत करना, नियमित निरीक्षण करना और निर्धारित मानदंडों का अनुपालन सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों को निर्माण स्थलों, रेडी-मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) संयंत्रों और सड़क सफाई व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया, जो धूल प्रदूषण के प्रमुख स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों को समन्वय में काम करना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को प्रदूषण के विभिन्न स्तरों और श्रेणियों के आधार पर अलग-अलग स्थानों से नमूने एकत्र करने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की नियमित निगरानी करने और थोक अपशिष्ट उत्पादकों से यथासंभव अधिक से अधिक नमूने एकत्र करके उनका परीक्षण करने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि मात्र औपचारिकता पूरी करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि नियमित निगरानी, समयबद्ध समीक्षा और प्रभावी कार्यान्वयन आवश्यक हैं। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था में सुधार के लिए अधिकारियों से सुझाव भी मांगे।


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