सिरमौर जिले के पच्हड़ पुलिस स्टेशन में एक महिला के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उसने राज्य के भूमि कानूनों का उल्लंघन करते हुए जाली हिमाचली किसान प्रमाण पत्र के आधार पर कृषि भूमि खरीदी है। यह मामला पच्हड़ तहसील के सराहन निवासी इंद्र दत्त की शिकायत पर 28 जुलाई को दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चंडीगढ़ निवासी और वर्तमान में पच्हड़ के पोहघाट गांव में रह रही पुनीत सूद की पत्नी रणबीर सूद ने जाली किसान प्रमाण पत्र प्राप्त किया और उसका उपयोग करके अवैध रूप से कृषि भूमि खरीदी। उन्होंने बताया कि रणबीर ने उन्हें और अन्य स्थानीय निवासियों को धमकाया और डराया-धमकाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, राजगढ़ के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई थी। उन्होंने दावा किया कि विवादित हिमाचली किसान प्रमाण पत्र कांगड़ा जिले में जारी किया गया था।
जानकारी मिली है कि भूमि विक्रय विलेख निष्पादित करने से पहले, राजस्व अधिकारियों ने किसान प्रमाण पत्र का सत्यापन किया था और उसे वैध पाया था, जिसके बाद भूमि पंजीकरण पूरा किया गया। प्रमाण पत्र की प्रामाणिकता और सत्यापन की परिस्थितियों की जांच अब पुलिस जांच का हिस्सा बनने की संभावना है।
अधिकारियों ने कहा कि जांच में यह पता लगाया जाएगा कि क्या जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था, क्या लागू भूमि कानूनों का कोई उल्लंघन हुआ था और क्या कथित लेनदेन में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था।
सिरमौर एसपी निश्चिंत सिंह नेगी ने कहा, “एक शिकायत के आधार पर पच्हड़ पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की विधिवत जांच की जा रही है। जांच में सभी प्रासंगिक दस्तावेजों, जिनमें किसान प्रमाण पत्र और भूमि लेनदेन के रिकॉर्ड शामिल हैं, की छानबीन की जाएगी ताकि तथ्यों का पता लगाया जा सके। जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस ने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है और फिलहाल इस स्तर पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

