ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने बुधवार को राज्य के सरकारी स्कूलों में लागू की जा रही नई क्लस्टर प्रणाली पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय प्रशासनिक समायोजन करने की कोशिश कर रही है, जो प्राथमिक कक्षा के छात्रों के भविष्य के लिए हानिकारक है।
मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए सत्ती ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से प्राथमिक शिक्षकों के पदोन्नति के रास्ते लगभग बंद हो जाएंगे और प्राथमिक कक्षा के शिक्षक प्रधानाध्यापक, केंद्र प्रधानाध्यापक और ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारी के पदों पर पदोन्नति नहीं पा सकेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जो अनुदान पहले सीधे प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को मिलता था, वह अब वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को भेजा जाएगा, जिनमें कई प्राथमिक विद्यालय स्थित हैं। इसका मतलब यह है कि प्राथमिक विद्यालयों की वास्तविक जरूरतों को पूरा नहीं किया जा सकेगा।
विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षकों के नए पद भरने के बजाय, रिक्त पदों पर अन्य स्कूलों से शिक्षकों का तबादला कर रही है। उन्होंने कहा कि कई स्कूलों में जूनियर बेसिक शिक्षक के रिक्त पदों पर प्रतिनियुक्ति पर लेक्चरर और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षकों को भेजा जा रहा है।
सत्ती ने बताया कि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रव्यापी गुरु रविदास संकल्प कलश यात्रा उनके जन्मस्थान काशी से शुरू हुई है। उन्होंने आगे बताया कि यह यात्रा 2 अगस्त को संतोषगढ़ स्थित गुरु रविदास मंदिर पहुंचेगी, जहां से यह राज्य भर में गुरु रविदास के उपदेशों का प्रचार-प्रसार करेगी।
विधायक ने कहा कि भाजपा ने आगामी स्वतंत्रता दिवस को पूरे उत्साह के साथ मनाने का फैसला किया है और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान शुरू किया जाएगा ताकि प्रत्येक घर पर गर्व से राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा सके।
सत्ती ने कहा कि भाजपा की ‘आर्पशीट’ समिति ने अपना काम शुरू कर दिया है और समिति के दो सदस्य पिछले साढ़े तीन वर्षों में कांग्रेस द्वारा किए गए कुकर्मों और जनविरोधी कार्यों के संबंध में तथ्य जुटाने के लिए चारों संसदीय क्षेत्रों का दौरा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि विधानसभा क्षेत्रवार आरोपपत्रों को बाद में संकलित करके कांग्रेस सरकार के खिलाफ राज्य स्तरीय आरोपपत्र तैयार किया जाएगा।

