बिलासपुर में सोमवार को मत्स्य विभाग के निदेशक ओम कांत ठाकुर ने कहा कि उत्पादन शुरू करने के लिए मछली पालन केंद्र का निर्माण जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उन्होंने सोलन जिले के नालागढ़ में निर्माणाधीन राष्ट्रीय स्तर के मछली पालन केंद्र परियोजना का निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की विस्तृत समीक्षा की। यह परियोजना लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जा रही है।
ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के इस मछली प्रजनन बैंक का निर्माण जनवरी 2027 से पहले पूरा हो जाएगा। उन्होंने राज्य औद्योगिक विकास निगम, जल शक्ति विभाग और हिमाचल प्रदेश मत्स्य पालन, मत्स्य पालन एवं विपणन समिति के अधिकारियों को आपसी समन्वय के माध्यम से निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार राज्य में मछली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रभावी उपाय कर रही है और आधुनिक मत्स्य पालन अवसंरचना के विकास, उच्च गुणवत्ता वाले मछली बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने और मछली पालकों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर का यह मछली प्रजनन बैंक इन प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे राज्य में वैज्ञानिक और व्यावसायिक मछली पालन को गति मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि मछली उत्पादन में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, मछली पालकों और मछुआरों की आय बढ़ेगी और स्वरोजगार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने बताया कि परियोजना परिसर में विकसित किए जा रहे प्रशिक्षण केंद्र, हैचरी इकाई और विभिन्न मछली तालाबों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निदेशक ने आगे कहा कि यह मछली प्रजनन केंद्र जयंती अमृत, कैटला, जयंती रोहू और अमूर कार्प जैसी उन्नत मछली प्रजातियों के विकास पर ध्यान केंद्रित करेगा।

