शुक्रवार को जिला प्रशासन ने घग्गर नदी के किनारे स्थित झोरार नाली गांव के पास बाढ़ आपदा प्रबंधन का मॉक ड्रिल आयोजित किया, जिसका उद्देश्य विभिन्न विभागों की तैयारियों का आकलन करना और आपात स्थितियों के दौरान समन्वय को मजबूत करना था।
जिला राजस्व अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि इस अभ्यास में घग्गर नदी के एक हिस्से में तटबंध टूटने का अनुकरण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति पानी में गिर गया। बचाव दल ने पीड़ित को सुरक्षित निकालने के लिए एक नकली अभियान चलाया, जबकि एक अन्य दल ने आगे की क्षति को रोकने के लिए टूटे हुए तटबंध को मिट्टी से भरने का अभ्यास किया।
अभ्यास के तहत घायल व्यक्ति को एम्बुलेंस से अस्पताल ले जाया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम ने भी अभ्यास में भाग लिया और बचाव एवं राहत कार्यों का प्रदर्शन किया।
कुमार ने बताया कि मानसून के मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट पर है। बाढ़ से बचाव के उपायों के बारे में निवासियों को जागरूक करने के लिए जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, साथ ही घग्गर नदी में जलस्तर की दैनिक निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऊपरी इलाकों में भी जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल सिरसा जिले में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है क्योंकि नदी में पानी की मात्रा कम है।
उन्होंने कहा, “इस मॉक एक्सरसाइज का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों की तैयारियों का परीक्षण करना और बाढ़ या किसी अन्य आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।”
उपस्थित लोगों में डीएसपी सुभाष चंद्र, एनडीआरएफ अधिकारी मेजर विशाल सागर, तहसीलदार प्रदीप अहलावत, सिंचाई विभाग के एसडीओ रविंदर, एसएमओ डॉ. ओम प्रकाश, गांव के सरपंच विजय कुमार, गांव के नंबरदार बलदेव सिंह और होम गार्ड के अधिकारी राजेश कुमार शामिल थे।


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