जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से जुड़े एक मुद्दे को लेकर भाजपा का प्रदर्शन सोमवार को कांगड़ा जिले के धलियारा में तनावपूर्ण हो गया। इस मुद्दे में कांग्रेस सांसद द्वारा कथित तौर पर छात्राओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। जसवां-परागपुर के विधायक और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर का पुतला जलाने के दौरान पुलिसकर्मियों से तीखी बहस हुई।
इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 300 भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पूर्व विधायक होशियार सिंह, पूर्व गगरेट विधायक और जिला प्रभारी राजेश ठाकुर तथा पूर्व मंत्री रविंद्र रवि सहित कई लोग उपस्थित थे। देहरा जिले के कार्यकर्ताओं ने धलियारा बाजार में विरोध मार्च निकाला और सरकारी डिग्री कॉलेज के पास पुतला जलाया। उन्होंने कांग्रेस, राहुल गांधी और राज्य सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।
सभा को संबोधित करते हुए भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जेएनयू विवाद पर उचित प्रतिक्रिया न देने का आरोप लगाया। ठाकुर ने आरोप लगाया कि जेएनयू के प्रोफेसर और कांग्रेस सांसद डॉ. अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने छात्राओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने जनसमर्थन खो दिया है और आगामी विधानसभा चुनावों में उसे झटका लगेगा।
पुतला जलाने के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को पीछे धकेलने की कोशिश के बाद तनाव पैदा हो गया। ठाकुर ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप उनके और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी बहस हुई। इस बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
खबरों में यह भी आरोप लगाया गया है कि विधायक ने झड़प के दौरान एक पुलिस अधिकारी को धक्का दिया। बताया जा रहा है कि पुतला जलाने के दौरान मची अफरा-तफरी में कुछ पुलिसकर्मी झुलस गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हस्तक्षेप किया, जिसके बाद बीजेवाईएम के जिला अध्यक्ष रमन शर्मा और अन्य कार्यकर्ताओं ने पुतला जला दिया।

