February 4, 2026
National

संसद परिसर में केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच तीखी नोकझोंक

A heated exchange took place between Union Minister Ravneet Bittu and Leader of the Opposition Rahul Gandhi in the Parliament premises.

4 फरवरी । लोकसभा में लगातार हंगामे के बीच बुधवार को संसद परिसर में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद रवनीत सिंह बिट्टू के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। दोनों नेताओं ने एक दूसरे पर टिप्पणियां कीं।

संसद भवन की सीढ़ियों पर खड़े होकर राहुल गांधी निलंबित सांसदों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। इसी बीच, रवनीत सिंह बिट्टू वहां से गुजर रहे थे। बिट्टू को देखते हुए राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी और उन्हें ‘गद्दार दोस्त’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मेरा गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, वापस आऊंगा।”

राहुल गांधी ने आगे बढ़कर रवनीत सिंह बिट्टू से हाथ मिलाने की भी कोशिश की। हालांकि, कांग्रेस सांसदों के सामने रवनीत सिंह बिट्टू ने राहुल गांधी से हाथ नहीं मिलाया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की टिप्पणी पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘देश का दुश्मन’ बताया। कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए रवनीत बिट्टू संसद भवन के अंदर चले गए। उनके पीछे राहुल गांधी भी चले गए।

कांग्रेस के सांसदों ने बुधवार को संसद भवन की सीढ़ियों पर बैठकर निलंबन के खिलाफ प्रदर्शन किया। संसद के नियमों का उल्लंघन करने के लिए कांग्रेस के 8 सांसदों पर कार्रवाई हुई है। लोकसभा सांसद गुरजीत सिंह औजला, हिबी ईडन, डीन कुरियाकोस, अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, बी. मणिकम टैगोर, डॉ. प्रशांत यादवराव पाडोले, चमाला किरण कुमार रेड्डी और एस. वेंकटेशन को संसद के बाकी सत्र के लिए सस्पेंड कर दिया गया।

कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बुधवार को सरकार की इस मनमानी के खिलाफ विपक्ष के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन कर लोकतंत्र की रक्षा में आवाज उठाई।”

सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “संसद लोकतंत्र का मंदिर है, जहां देश से जुड़े जरूरी मुद्दों पर चर्चा की जाती है, लेकिन सरकार इस परंपरा को उजाड़ने पर तुली है। नेता विपक्ष राहुल गांधी को सदन में देशहित से जुड़े मामले पर बोलने नहीं दिया गया और इसका विरोध करने पर विपक्ष के सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया। सरकार डरी हुई हैं, अपनी सच्चाई छिपा रही है। खुद को बचाने के लिए संसद की गरिमा को रौंदा जा रहा है- जिसे देश बर्दाश्त नहीं करेगा।”

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