मंगलवार को हरियाणा के लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा के पैतृक गांव गंगवा में एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) टैंक में रुकावट को दूर करने के लिए प्रवेश करने के बाद एक 22 वर्षीय मजदूर की दम घुटने से मौत हो गई और दूसरे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मृतक की पहचान मोनू के रूप में हुई है। एक अन्य कर्मचारी सोनू को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों को एक ठेकेदार ने सीटीपी (पानी का नल) की सफाई के लिए काम पर रखा था।
जानकारी के अनुसार, गंगवा गांव के निवासी मोनू और सोनू, संयंत्र में पानी की आपूर्ति बाधित करने वाली अवरुद्ध पाइपलाइन को साफ करने के लिए सीवेज टैंक में घुस गए। जब वे लोहे की छड़ों से अवरोध को साफ कर रहे थे, तभी अचानक पानी का प्रवाह फिर से शुरू हो गया। अवरुद्ध पाइपलाइन से निकलने वाली जहरीली गैस के कारण दोनों मजदूर टैंक के अंदर बेहोश हो गए।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मोनू के शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया। अधिकारियों ने बताया कि मृतक के परिवार के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर सीवरेज कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन को उजागर किया है, जो राज्य में कई बार घातक साबित हुआ है। नियमों के अनुसार, ऐसे खतरनाक कार्यों में लगे श्रमिकों को गैस मास्क, ऑक्सीजन सिलेंडर, सुरक्षा बेल्ट और हेलमेट उपलब्ध कराए जाने चाहिए। हालांकि, बताया जा रहा है कि दोनों श्रमिक बिना किसी सुरक्षा उपकरण के टैंक में प्रवेश कर गए थे।
मोनू के परिवार ने संयंत्र प्रबंधन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त मुआवजे और सरकारी नौकरियों की भी मांग की।


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