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रोहित शेट्टी के घर फायरिंग मामले में बड़ा खुलासा, शूटरों को मिली हवाला नेटवर्क के जरिए मोटी रकम

A major revelation in the firing incident at Rohit Shetty's house: shooters received a large sum of money through a hawala network.

6 अप्रैल । फरवरी में रोहित शेट्टी के जूहू वाले घर फायरिंग मामले में बड़े खुलासे हो रहे हैं। अब मुंबई क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया है कि शूटरों को रिक्रूट करने वाले गोलू पंडित को हवाला के जरिए पैसे मिले थे। बिश्नोई गैंग ने नेपाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हवाला नेटवर्क के जरिए ये पैसे भेजे थे।

फिल्म निर्देशक रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग मामले में गिरफ्तार आरोपी गोलू पंडित प्रदीप शर्मा ने पूछताछ में अहम जानकारी दी है। मुंबई क्राइम ब्रांच के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के लिए शूटरों की भर्ती करने वाले गोलू पंडित को हवाला नेटवर्क के जरिए मोटी रकम मुहैया कराई गई थी। यह रकम नेपाल, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से बिश्नोई गैंग के मौजूदा ऑपरेटर आरजू बिश्रोई ने अपने गुर्गों के जरिए अलग-अलग हवाला चैनलों के माध्यम से ट्रांसफर की थी। गोलू पंडित को पहले ही निर्देश दिए गए थे कि वे पूछताछ के दौरान अपना मुंह न खोलें और किसी तरह की जानकारी देने से बचें।

क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि गोली पंडित को शूटरों का रिक्रूटमेंट करने के लिए पैसे मिले थे और उसे यह रकम सीधे बैंकिंग सिस्टम के जरिए नहीं भेजी गई, बल्कि हवाला के जरिए ट्रांसफर की गई थी। इस तरह की लेनदेन से एजेंसियों को ट्रैकिंग में मुश्किलें आती हैं और यही वजह है कि गोलू को कितने पैसे बिश्नोई गैंग ने दिए थे, इसका खुलासा अब तक नहीं हो पाया है। जांच में सामने आया है कि गोलू पंडित इस पूरी साजिश की अहम कड़ी था; उसने न केवल शूटरों की पहचान की, बल्कि उन्हें लॉजिस्टिक सपोर्ट भी उपलब्ध कराया।

क्राइम ब्रांच को शक है कि इस फायरिंग की प्लानिंग काफी समय पहले से की जा रही थी। क्राइम ब्रांच की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि हरियाणा से शूटर समेत अन्य आरोपियों के गिरफ्तार होने के बाद बिश्नोई गैंग को अंदाजा हो गया था कि पुलिस गोलू तक जरूर पहुंच सकती है। ऐसे में खुद लॉरेंस बिश्नोई ने गोलू पंडित से आरजू बिश्नोई के जरिए बातचीत की थी और पूछताछ में अपने अन्य साथियों के बारे में कोई भी जानकारी पुलिस को न देने का निर्देश दिया था। यही वजह है कि क्राइम ब्रांच 12 दिनों की कस्टडी के बाद भी गोलू से कुछ भी नहीं उगलवा पाई।

क्राइम ब्रांच ने यह भी खुलासा किया कि गैंग ने बैकअप प्लान भी तैयार कर रखा। फिलहाल गोलू पंडित न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस ने कोर्ट से पुलिस रिमांड को बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने 11 दिन की पुलिस रिमांड के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

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