शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में स्थित अमृत सरोवर में एक युवक के हाथ-पैर धोते हुए वायरल वीडियो की निंदा की है। एसजीपीसी ने कहा कि इस कृत्य ने सिख मर्यादा, या पवित्र तीर्थस्थल पर पालन की जाने वाली आचार संहिता का उल्लंघन किया है।
16 जनवरी को जारी किए गए 25 सेकंड के इस वीडियो में एक युवक श्री हरमंदिर साहिब के पवित्र सरोवर के किनारे बैठा हुआ दिखाई दे रहा है। वह स्नान करते हुए और सोशल मीडिया के लिए अपना वीडियो रिकॉर्ड करते हुए नजर आ रहा है। वीडियो तेजी से ऑनलाइन वायरल हो गया और इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं, जिसमें कई लोगों ने इस कृत्य को सिख धार्मिक परंपराओं का अपमान बताया।
एसजीपीसी ने सभी आगंतुकों से स्वर्ण मंदिर के धार्मिक नियमों का सम्मान करने की अपील की है। एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह ने कहा कि जांच इस बात पर केंद्रित होगी कि ड्यूटी पर तैनात सेवादारों की मौजूदगी के बावजूद यह घटना कैसे घटी। उन्होंने यह भी कहा कि एसजीपीसी यह भी जांच करेगी कि वीडियो असली है या कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके उसमें बदलाव किया गया है।
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए युवक ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उसने कहा कि उसने आदरपूर्वक स्वर्ण मंदिर का दर्शन किया था, लेकिन उसे धार्मिक रीति-रिवाजों की पूरी जानकारी नहीं थी। उसने सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए खेद व्यक्त किया और कहा कि उसका यह कृत्य अनजाने में हुआ था। यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया के अनुसार, उसने यह भी कहा कि वह क्षमा मांगने के लिए स्वर्ण मंदिर वापस जाने की योजना बना रहा है।
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की हरकतें धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हैं और इनसे बचना चाहिए। एसजीपीसी ने कहा कि मंदिर में आने वाले सभी लोगों पर नियम समान रूप से लागू होते हैं।


Leave feedback about this