धर्मशाला की एक स्थानीय अदालत ने लगभग पांच साल पहले कांगड़ा जिले के शाहपुर उपमंडल में अपने पिता की हत्या करने वाले एक व्यक्ति को शुक्रवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला सुनाया गया।
कांगड़ा की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-II, शीतल शर्मा ने जून 2021 में शाहपुर पुलिस स्टेशन में दर्ज हत्या के मामले में सुनील कुमार को दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोषी पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह घटना 22 जून, 2021 को शाहपुर तहसील के माछयाल गांव में घटी। मामला तब सामने आया जब कुशलता देवी ने पुलिस को सूचना दी कि उन्होंने उस कमरे से असामान्य आवाजें सुनीं जहां उनके पति मौजूद थे।
जब वह कमरे में दाखिल हुई, तो उसने कथित तौर पर अपने बेटे सुनील कुमार को अपने पिता के पास कुल्हाड़ी जैसे लोहे के हथियार के साथ खड़ा पाया। उसने तुरंत शोर मचाया और पुलिस तथा स्थानीय निवासियों को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पीड़ित को कमरे के अंदर मृत पाया, उसके चेहरे पर गंभीर चोटें थीं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने 25 गवाहों से पूछताछ की और अदालत के समक्ष दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों का मूल्यांकन करने के बाद, अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष ने हत्या के आरोप को संदेह से परे साबित कर दिया है।
तदनुसार, अदालत ने सुनील कुमार को दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास के साथ-साथ आर्थिक जुर्माना भी सुनाया।


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