तलवंडी साबो उपमंडल के माही नांगल गांव में शुक्रवार को एक जल नहर के पास 23 वर्षीय एक युवक मृत पाया गया, जिसके हाथ में कथित तौर पर एक सिरिंज लगी हुई थी। मृतक राजप्रीत सिंह शुक्रवार दोपहर से लापता थे और उनका फोन बंद था। परिवार वाले उनकी तलाश कर रहे थे तभी गांव के बाहरी इलाके में उनका शव मिला। परिवार वालों का आरोप है कि उन्होंने ‘चिट्टा’ खाकर अपनी जान गंवाई।
उन्होंने बताया कि वह लगभग छह महीने पहले नशे का आदी हो गया था और इलाज के लिए उसे नशामुक्ति केंद्र में भी भर्ती कराया गया था। राजप्रीत के परिवार में उनकी विधवा मां, पत्नी और एक वर्षीय बेटा हैं। उनके पिता का निधन कई साल पहले हो गया था। उनकी मां, मनदीप कौर, इस मौत के बारे में बात करते हुए फूट-फूटकर रो पड़ीं और सरकार से अपील की कि परिवारों को केवल वित्तीय सहायता प्रदान करने के बजाय नशीली दवाओं की आपूर्ति को रोका जाए।
उन्होंने कहा, “हमें सरकार के 1,000 या 1,500 रुपये की जरूरत नहीं है। हमारे गांवों और शहरों में नशीली दवाओं की बिक्री बंद करो। हम खुद 1,000-1,500 रुपये इकट्ठा करके सरकार को दे देंगे।”
मंदीप ने बताया कि उन्होंने अपने दोनों बेटों का पालन-पोषण बड़ी मुश्किलों से किया था और उन्हें उम्मीद थी कि राजप्रीत परिवार का मुख्य सहारा बनेगा। उन्होंने कहा, “उसने नशा छोड़ दिया था, लेकिन शुक्रवार को उसने फिर से नशा करना शुरू कर दिया और उसकी मौत हो गई।”
कुछ ग्रामीणों ने बताया कि गांव में नशीली दवाओं का सेवन व्यापक रूप से फैला हुआ है और दावा किया कि अतीत में कई युवकों की नशीली दवाओं के सेवन से मौत हो चुकी है। तलवंडी साबो पुलिस स्टेशन के एसएचओ, सब-इंस्पेक्टर परबत सिंह ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।

