अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एनडीपीएस अधिनियम के तहत अपराधों के मुकदमे के लिए त्वरित विशेष न्यायालय) की अदालत ने गुरुवार को एक व्यक्ति को अपने घर के आंगन में अफीम के पौधे उगाने के आरोप में पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
जानकारी के अनुसार, अदालत ने अंबाला के जंढेरी गांव के निवासी बलबीर सिंह को दोषी ठहराया है। नागगल पुलिस ने 20 मार्च 2019 को तलाशी के दौरान 302 अफीम के पौधे बरामद किए थे।
अंबाला के सहायक जिला अटॉर्नी (एडीए) नितिन ने बताया कि 20 मार्च, 2019 को पुलिस को सूचना मिली थी कि बलबीर सिंह अपनी संपत्ति के आंगन में अफीम के पौधे उगा रहा है और छापेमारी करने पर पौधे बरामद किए जा सकते हैं। सूचना मिलने पर पुलिस ने छापेमारी दल का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि आरोपी ने बिना किसी अनुमति के अपनी संपत्ति पर ईंटों की दीवार के पीछे अफीम के पौधे लगाए थे।
गिनती करने पर 302 पौधे पाए गए जिन्हें उखाड़ दिया गया। उखाड़े गए पौधों का कुल वजन लगभग 8.5 किलोग्राम था। नागगल पुलिस स्टेशन में एनडीपीएस अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। उस पर बिना परमिट या लाइसेंस के अपनी संपत्ति पर अफीम की खेती करने का आरोप लगाया गया है। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 13 गवाहों से पूछताछ की।
अंबाला जिला अटॉर्नी जंग बहादुर सिंह ने बताया कि अदालत ने बलबीर सिंह को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18(सी) के तहत दंडनीय अपराध का दोषी पाया और उसे पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 50,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।


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