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कांकेर में 8 लाख के इनामी माओवादी ने किया आत्मसमर्पण, मुख्यधारा में लौटा

A Maoist carrying a bounty of Rs 8 lakh surrenders in Kanker and returns to the mainstream.

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माओवादियों के आत्मसमर्पण का सिलसिला जारी है। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा ने बताया कि पिछले कुछ समय से लगातार माओवादी संगठन से जुड़े सदस्य हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला कर रहे हैं। इसी क्रम में एक और सक्रिय माओवादी ने सोमवार को आत्मसमर्पण किया है।

पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी की पहचान पीपीसीएम दारसु शोरी के रूप में हुई है, जिस पर आठ लाख रुपए का इनाम घोषित था। दारसु शोरी उत्तर बस्तर डिवीजन समिति और पीएलजीए कंपनी क्रमांक 05 से जुड़ा हुआ था। उसने पुलिस के सामने एके47 राइफल के साथ आत्मसमर्पण किया, जो उसके संगठन में सक्रिय भूमिका को दर्शाता है।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दारसु शोरी से मिली जानकारी के आधार पर इलाके में सक्रिय अन्य माओवादियों से संपर्क स्थापित करने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। पुलिस का प्रयास है कि अधिक से अधिक माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों और सामान्य जीवन जी सकें।

इस बीच बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पट्टलिंगम ने भी इस आत्मसमर्पण का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में कई माओवादी संगठन छोड़कर समाज में लौटे हैं, जो एक सकारात्मक संकेत है। उन्होंने शेष बचे माओवादियों से भी अपील की है कि वे हिंसा का मार्ग त्यागकर विकास और शांति की दिशा में आगे बढ़ें।

पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट किया कि जो माओवादी आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं, उनके लिए सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ऐसे लोगों को नई शुरुआत का अवसर दिया जाएगा, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो लोग अब भी हिंसा का रास्ता चुनेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कांकेर और आसपास के क्षेत्रों में माओवादियों के आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या को सुरक्षा बलों की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास की उम्मीद और मजबूत हुई है।

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