July 29, 2026
National

प्रयागराज में गुरु पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने संगम में लगाई पवित्र डुबकी

A massive surge of faith witnessed in Prayagraj on Guru Purnima; devotees took a holy dip at the Sangam.

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित त्रिवेणी संगम में बुधवार तड़के से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई तथा अपने गुरु के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए पूजा-अर्चना और दान-पुण्य किया।

एक श्रद्धालु ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा, “मैं आज सुबह जल्दी उठा और भीड़ बढ़ने से पहले पवित्र डुबकी लगाने के लिए संगम आया। डुबकी लगाने के बाद, मैंने अपने गुरु की पूजा की और धार्मिक अनुष्ठान किए। हमने दान भी किया और दुनिया की भलाई और सभी की सलामती के लिए प्रार्थना की।”

इस दौरान तीर्थ पुरोहित गोपाल गुरु ने गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। उन्होंने कहा, “गुरु ऐसा चाहिए जो शिष्य से कुछ न ले और शिष्य ऐसा होना चाहिए जो गुरु को सब कुछ अर्पित कर दे।”

उन्होंने प्रसिद्ध दोहे “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागूं पाय, बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय” का उल्लेख करते हुए कहा कि गुरु ही मनुष्य को ज्ञान और सही मार्ग का बोध कराते हैं। केवल पुस्तकों का अध्ययन पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही दिशा दिखाने वाले गुरु का मार्गदर्शन भी आवश्यक है।

गोपाल गुरु ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालु भगवान वेदव्यास, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान शिव तथा अपने गुरु की पूजा करते हैं। संगम स्नान के बाद कई श्रद्धालु गुरु आश्रमों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं, जरूरतमंदों को भोजन कराते हैं और दान-दक्षिणा अर्पित करते हैं। उनके अनुसार, ऐसे पुण्य कार्यों से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है, समाज में सद्भाव बढ़ता है और देश की समृद्धि एवं गौरव में भी वृद्धि होती है।

उधर, अयोध्या में भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं ने सरयू नदी में आस्था की डुबकी लगाई और मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। वहीं, महाराष्ट्र के शिरडी स्थित साईं बाबा मंदिर में भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।

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