कुल्लू जिले की मणिकरण घाटी के छलाल गांव में एक क्रूर हत्या की घटना सामने आई है। छलाल पुल के पास संदिग्ध परिस्थितियों में नेपाली मूल के 32 वर्षीय व्यक्ति का शव मिला है। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई है और जिले में हाल ही में हुई हिंसक अपराधों की घटनाओं को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मृतक की पहचान रसम परसाई के रूप में हुई है, जो नेपाल के मूल निवासी थे और कुछ समय से मणिकरण घाटी में रह रहे थे। शव कासोल के लोकप्रिय पर्यटन स्थल के पास छलाल पुल के नजदीक एक नाले में मिला। स्थानीय लोगों ने शुक्रवार को शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मणिकरण पुलिस स्टेशन की एक टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। प्रारंभिक जांच में शव पर कई चोट के निशान मिले, जो किसी साजिश का संकेत देते हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित की गर्दन पर चाकू के गहरे घाव थे, जबकि उसकी छाती और पैरों पर पत्थर रखे गए थे, जिससे शव को दबाने या छिपाने का प्रयास प्रतीत होता है। इन परिस्थितियों के आधार पर जांचकर्ताओं ने इस मामले को सुनियोजित हत्या माना है।
पीड़ित के भाई विक्रम परसाई, जो कसोल में एक जर्मन बेकरी में काम करते हैं, ने शव की पहचान करने के बाद पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उनके बयान के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
महत्वपूर्ण सबूत जुटाने के लिए एक फोरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। इलाके को सील कर दिया गया और पुलिस ने सुराग जुटाने के लिए स्थानीय निवासियों और आसपास के श्रमिकों से पूछताछ की। शव का पोस्टमार्टम किया जाना था। अधिकारियों ने कहा कि फोरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के सही कारण की पुष्टि हो पाएगी।
घटनास्थल का दौरा करने वाले पुलिस अधीक्षक मदन लाल कौशल ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने पुलिस टीम को जांच में तेजी लाने और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, “पुलिस हर संभव पहलू की जांच कर रही है। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।”
इस हत्या से छलाल और मणिकरण इलाकों में दहशत का माहौल बन गया है। गौरतलब है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है, क्योंकि कुल्लू जिले में हाल के हफ्तों में कई हत्याएं हुई हैं, जिससे कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हो गई हैं।


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