कई बार निलंबित और पद से हटाए जाने से नाराज होकर, रेवाड़ी जिले के दहिना गांव की सरपंच पिंकी ने अपना विरोध दर्ज कराने का एक अनोखा तरीका निकाला – गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड के लिए आवेदन करना। सोमवार को बात करते हुए पिंकी ने कहा कि राजनीतिक बदले की भावना के कारण उन्हें तीन बार निलंबित किया गया और सरपंच के पद से भी हटा दिया गया, लेकिन संभागीय आयुक्त और पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें बहाल कर दिया गया।
“दिसंबर 2022 में मैं दहिना गांव की सरपंच चुनी गई थी। हालांकि, राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित होकर मुझे 9 जून 2025 और 27 मार्च 2026 को निलंबित कर दिया गया था। दोनों ही मामलों में मुझे गुरुग्राम के संभागीय आयुक्त के आदेश से बहाल कर दिया गया। 2 जून 2026 को मुझे तीसरी बार निलंबित किया गया, लेकिन पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश से मुझे बहाल कर दिया गया। 31 अगस्त 2026 को जिला प्रशासन ने मुझे सरपंच पद से हटा दिया और तीन साल के लिए पंचायत चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया। फिर भी, मैंने उच्च न्यायालय में अपील की, जिसने मेरे निष्कासन पर रोक लगा दी और मुझे दोबारा बहाल कर दिया गया,” पिंकी ने कहा।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा 27 सितंबर, 2026 को प्रारंभिक रिकॉर्ड-शीर्षक आवेदन के लिए तैयार किए गए प्रस्तावित रिकॉर्ड दावे-रिपोर्ट डोजियर के अनुसार, सरपंच पिंकी ने “12 महीने की अवधि के भीतर एक निर्वाचित ग्राम सरपंच के खिलाफ सबसे अधिक आधिकारिक निलंबन/निष्कासन कार्रवाई” शीर्षक के तहत एक रिकॉर्ड के लिए आवेदन किया है।
मामले के सारांश में कहा गया है , “सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, पिंकी हरियाणा के रेवाड़ी जिले के दहिना गांव की निर्वाचित सरपंच हैं। ने जून 2025 में हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51(1)(ए) के तहत उनके निलंबन की सूचना दी। मार्च 2026 में एक और निलंबन की सूचना भी दी गई। सितंबर 2026 में, जिला प्रशासन ने उन्हें पद से हटाने और पंचायत चुनाव लड़ने से तीन साल के लिए अयोग्य घोषित करने की घोषणा की।”
“हम एक निर्धारित 12 महीने की अवधि के भीतर निर्वाचित ग्राम सरपंच के खिलाफ आधिकारिक रूप से प्रलेखित निलंबन/निष्कासन कार्रवाइयों की उच्चतम संख्या के संबंध में एक नए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स खिताब का प्रस्ताव करते हैं… हम मूल सरकारी आदेश, अपीलीय/न्यायिक आदेश, आधिकारिक पंचायत रिकॉर्ड और स्वतंत्र सहायक रिपोर्ट प्रदान करेंगे, और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा निर्धारित किसी भी माप और साक्ष्य मानदंड का पालन करेंगे,” दावे के बयान में कहा गया है।
इस मामले पर टिप्पणी के लिए संपर्क किए जाने पर, रेवाड़ी के उपायुक्त अभिषेक मीना ने कहा कि सरपंच को वैध कारणों से निलंबित किया गया है। “प्रशासनिक/कानूनी मानदंडों के अनुसार उन्हें उनके पद पर बहाल कर दिया गया है और वे वर्तमान में सरपंच के रूप में कार्यरत हैं। गिनीज रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने का उनका पूरा अधिकार है,” डीसी ने कहा।

