कांग्रेस हलकों में मंगलवार रात दिल्ली में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीपीसीसी) के प्रमुख अमरिंदर राजा वारिंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी और सांसद सुखजिंदर रंधावा के बीच हुई एक “गुप्त” बैठक को लेकर चर्चाएं चल रही हैं।
रणधावा के दिल्ली स्थित आवास पर हुई बैठक को एक मीडिया एजेंसी द्वारा आयोजित किया गया बताया जा रहा है, जो पार्टी नेताओं के साथ काम कर रही है।
हालांकि तीनों नेताओं ने चर्चाओं के बारे में चुप्पी साध रखी है, लेकिन पार्टी सूत्रों का दावा है कि बैठक में वारिंग से पीपीसीसी प्रमुख पद से इस्तीफा देने की मांग पर चर्चा हुई।
खबरों के मुताबिक, चन्नी और रंधावा ने वारिंग से तर्क दिया कि उनकी लोकप्रियता में गिरावट आई है और अगर वह इस्तीफा दे दें तो यह पार्टी और वारिंग दोनों के हित में होगा।
इस बैठक से कोई ठोस नतीजा नहीं निकला, जिसका मुख्य उद्देश्य नेताओं के बीच तनाव को कम करना था।
सूत्रों के अनुसार, पिछले सप्ताह दिल्ली में एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में वारिंग ने चुनाव प्रचार में भाग न लेने की शर्त के साथ इस्तीफा देने की पेशकश की थी। यह भी बताया गया है कि अगर वारिंग को नहीं हटाया गया तो चन्नी ने भी चुनाव प्रचार समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी।
एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि चूंकि असंतुष्ट नेता दिल्ली में हैं, इसलिए इस तरह की और भी गुप्त वार्ताएं हो सकती हैं।

