September 24, 2026
Himachal

हमीरपुर का एक छात्र सेना के लिए ऐसा ड्रोन विकसित करेगा जो दुश्मन के रडार की पकड़ से बच सकेगा और जैमिंग का सामना कर सकेगा।

हमीरपुर स्थित गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज के कंप्यूटर साइंस के पांचवें सेमेस्टर के छात्र सर्वेश शर्मा भारतीय सेना के लिए एक विशेष ड्रोन विकसित करेंगे। केंद्रीय रक्षा मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए 3.5 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया है। सर्वेश हमीरपुर के बाहनवी गांव के एक निम्न-आय वर्गीय परिवार से हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा बाहनवी के एक सरकारी स्कूल से पूरी की है। उनके पिता संजीव कुमार दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि उनकी माता गृहिणी हैं।

अक्सर कहा जाता है कि प्रतिभा परिस्थितियों से बंधी नहीं होती और कोई भी बाधा किसी प्रतिभाशाली बच्चे को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। सर्वेश इसका सटीक उदाहरण है। उन्होंने भारतीय सेना के सामने आने वाली एक बड़ी चुनौती का समाधान करने के लिए एक ड्रोन सफलतापूर्वक विकसित किया है। यह ड्रोन दुश्मन के रडार की पकड़ से बचने और जैमिंग के प्रयासों का सामना करने में सक्षम होगा।

पॉलीटेक्निक कॉलेज के प्रिंसिपल चंद्रशेखर का कहना है कि रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत रक्षा नवाचार संगठन (डीआईओ) और इनोवेशन फॉर डिफेंस एक्सीलेंस (आईडीईएक्स) ने इस परियोजना के लिए 35 लाख रुपये का अनुदान स्वीकृत किया है। उन्होंने आगे बताया कि रक्षा उत्पादन विभाग के अतिरिक्त सचिव और सीईओ दिनेश महाउर ने इस निधि को मंजूरी दी है। सर्वेश की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार और संस्थान का नाम रोशन किया है, बल्कि राज्य का भी गौरव बढ़ाया है।

सर्वेश ने ट्रिब्यून को बताया कि उन्होंने आईआईटी-जोधपुर और कोनार्क कोर द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की ‘ओपन कार्डबोर्ड ड्रोन प्रतियोगिता’ में भाग लिया था। इस प्रतियोगिता में देश भर के प्रतिष्ठित संस्थानों की पचास टीमों ने हिस्सा लिया था, जिसमें उन्होंने चौथा स्थान प्राप्त किया और 10 लाख रुपये का पुरस्कार जीता। इस परियोजना की शुरुआती लागत 87,000 रुपये थी। इसके बाद, सर्वेश ने डीआईओ और आईडेक्स के तहत एक स्टार्टअप परियोजना के लिए आवेदन किया, जिसे मंजूरी मिल गई।

सर्वेश अब भारतीय सेना के लिए ‘रुद्र एज टी-1 (स्पेक्ट्रा)’ ड्रोन विकसित करेंगे, जो सीमा निगरानी के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। इस परियोजना के लिए आईआईटी-रुड़की में एक इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया है, जिसका लक्ष्य 20 महीनों में इसे पूरा करना है। कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के प्रमुख समीर भारती ने कॉलेज के कर्मचारियों के साथ मिलकर सर्वेश को उनकी इस उपलब्धि पर बधाई दी।

सर्वेश शर्मा को सम्मानित करते राज्यपाल शिमला: राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बुधवार को गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक, हमीरपुर के छात्र सर्वेश शर्मा को भारतीय सेना के लिए स्वदेशी ‘रुद्र एज टी-1 (स्पेक्ट्रा)’ ड्रोन के विकास हेतु केंद्रीय रक्षा मंत्रालय से 3.5 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त करने पर सम्मानित किया।

उन्होंने कहा, “ऐसी उपलब्धियां आत्मनिर्भर भारत की भावना को बढ़ावा देती हैं और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं को विकसित करने की दिशा में देश के प्रयासों को मजबूत करती हैं।”

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